नाइजीरिया के विवाह कानून पर डॉ. त्यागी का व्याख्यान
नाइजीरिया की वैधानिक, प्रथागत और इस्लामिक कानूनी व्यवस्थाओं के जटिल संबंधों पर किया विश्लेषण, संवैधानिक समानता और महिला अधिकारों पर दिया जोर
मेरठ। अंतर्राष्ट्रीय इंटर्नशिप विश्वविद्यालय (IIU) की ओर से नाइजीरिया के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘कॉन्जुगल कॉनकॉर्ड एंड द आर्किटेक्चर ऑफ लॉ’ विषय पर वैश्विक वेबिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के विधि अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार त्यागी रहे। उन्होंने नाइजीरिया में वैधानिक, प्रथागत और इस्लामिक कानूनी व्यवस्थाओं के बीच संबंधों का दार्शनिक और सैद्धांतिक विश्लेषण प्रस्तुत किया।
डॉ. त्यागी ने कहा कि नाइजीरिया की विवाह व्यवस्था परंपरागत कानून, स्थानीय सामाजिक प्रथाओं और आधुनिक संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन पर आधारित है। उन्होंने सर हेनरी मेन, सेविगैनी और रोनाल्ड ड्वोर्किन के न्यायशास्त्रीय सिद्धांतों के संदर्भ में विवाह कानून की अवधारणाओं को समझाया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए भी मौलिक अधिकारों की सर्वोच्चता कायम रहनी चाहिए।
व्याख्यान में उन्होंने वैधानिक विवाह की एकपत्नी/एकपति व्यवस्था, प्रथागत और इस्लामिक विवाह में बहुविवाह की अनुमति तथा ‘डबल-डेकर’ मैरिज की कानूनी स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी प्रथागत विवाह के रहते तीसरे व्यक्ति से वैधानिक विवाह करना कानूनी रूप से अमान्य हो सकता है और बिगैमी का अपराध भी बन सकता है।
डॉ. त्यागी ने नाइजीरियाई सुप्रीम कोर्ट के महिला संपत्ति अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2014 के उकेजे बनाम उकेजे और अनेक्वे बनाम न्वेके मामलों में बेटियों और निःसंतान विधवाओं को संपत्ति से वंचित करने वाली प्रथाओं को संविधान की धारा 42 के समानता संबंधी प्रावधानों के विपरीत माना गया।
अंत में उन्होंने बाल विवाह की न्यूनतम आयु, बच्चों की कस्टडी और संपत्ति विवादों में ‘फोरम शॉपिंग’ जैसी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए पारंपरिक और इस्लामिक कानूनों को आधुनिक संवैधानिक समानता के अनुरूप बनाने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के अंत में इंटरनेशनल इंटर्नशिप यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. चार्ल्स यूसीहोलो इभोरिया ने डॉ. त्यागी का आभार जताते हुए व्याख्यान को विषय का समेकित अध्ययन बताया। इस अवसर पर प्रो. बूहारी इसास और प्रो. चूकोबूयूनोओसो चार्ल्स आफोइओम भी मौजूद रहे।

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