मुंबई आंदोलन से पहले गरमाया माहौल, अभिजीत दिपके ने फडणवीस सरकार को दी गिरफ्तारी की चुनौती
सीजेपी प्रमुख बोले- प्रदर्शन रोकना है तो अभी गिरफ्तार करें, 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर बढ़ा विवाद
मुंबई। 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन से पहले महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार करना है तो आंदोलन से पहले ही कर लिया जाए। दिपके ने गुरुवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही।
दिपके ने कहा कि सरकार 20 जुलाई को हुई कथित गलती को दोहराए नहीं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करना चाहता है तो अभी गिरफ्तार करे। उन्होंने यह भी कहा कि वह गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर विवाद
सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया है। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने इसके लिए क्षेत्र की पाबंदियों, शांति क्षेत्र और यातायात व अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े कारणों का हवाला दिया है। इसके बाद सीजेपी ने ‘जेल भरो आंदोलन’ की बात कही थी।
दिपके ने सवाल उठाया कि यदि शिवाजी पार्क में राजनीतिक सभाएं हो सकती हैं तो वहां विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संगठन अनुमति मिले या न मिले, लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।
चुनाव आयोग और SIR पर लगाए आरोप
दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई आरोप लगाए और उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी सवाल उठाते हुए प्रक्रिया रोकने और पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग रखी। ये दावे और मांगें दिपके तथा सीजेपी की ओर से रखी गई हैं।
सीजेपी ने नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र संस्था बनाने समेत चार प्रमुख मांगें भी रखी हैं। संगठन ने 2 अक्टूबर के मुंबई प्रदर्शन के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है।

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