GSTAT दिवस पर ई-जर्नल का लोकार्पण
अपीलीय व्यवस्था, प्राकृतिक न्याय और जीएसटी कानून के विभिन्न पहलुओं पर मंथन
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) दिवस गुरुवार को वर्चुअल वेब कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मनाया गया। कार्यक्रम में GSTAT के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. संजय कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि रहे। देशभर की विभिन्न पीठों के न्यायिक एवं तकनीकी सदस्यों ने ऑनलाइन सहभागिता की।
कार्यक्रम में GSTAT के ई-जर्नल ‘आईएलआर GSTAT’ के प्रथम अंक का लोकार्पण किया गया। इसके बाद जीएसटी अपीलीय न्यायशास्त्र और प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित हुए। विशेषज्ञों ने स्क्रूटनी के दौरान सावधानियां, प्रधान पीठ एवं राज्य पीठों के अधिकार क्षेत्र, सीजीएसटी अधिनियम की धारा 73 व 74 के तहत कर, ब्याज और जुर्माने के निर्धारण तथा प्राकृतिक न्याय एवं निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों पर विचार रखे।
सत्रों में GSTAT (प्रक्रिया) नियम, 2025 और CESTAT से GSTAT तक अपीलीय व्यवस्था के विकास पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ तकनीकी सदस्य (केंद्र) अनिल कुमार गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ, जबकि न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने मुख्य वक्तव्य दिया।
समापन संबोधन में GSTAT अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए संस्थान के सदस्यों से चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करने का आह्वान किया। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग को आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संयोजन दिल्ली राज्य पीठ के उपाध्यक्ष संजय कुमार अग्रवाल ने किया और संचालन तकनीकी सदस्य (राज्य) संजीव जैन ने किया।

No comments:
Post a Comment