नजरबंदी के विरोध में सड़क पर उतरे किसान, कमिश्नरी पर डेढ़ घंटे धरना
राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में रखने का आरोप, कार्यकर्ताओं ने पहले वार्ता से किया इनकार; बाद में एसीएम को सौंपा ज्ञापन
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन मलिक को नजरबंद किए जाने के विरोध में मंगलवार को संगठन के कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर सड़क पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डीजे के साथ पहुंचे किसानों ने करीब डेढ़ घंटे तक धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहुंचने तक न तो अधिकारियों से वार्ता होगी और न ही ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जिलाध्यक्ष निखिल राव ने आरोप लगाया कि संगठन के कार्यकर्ताओं को रात से ही नजरबंद किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों और युवाओं की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देने की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया।
धरने के बाद अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
करीब डेढ़ घंटे तक चले धरने के बाद मंगलवार शाम करीब चार बजे जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव ने एसीएम मृदुला दुबे के माध्यम से मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के साथ ही धरना समाप्त कर दिया गया।
गन्ने के दाम से लेकर एमएसपी तक की मांग
ज्ञापन में गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाने और बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग की गई। संगठन ने सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा एनएच-58 पर विभिन्न स्थानों पर अंडरपास बनवाने, निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक लगाने, पेपर लीक मामलों की जांच कराने, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुधारने और जले ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे में बदलने की मांग रखी गई।
नारहाड़ा के जलभराव और बहचौला की फैक्टरी का मुद्दा
ज्ञापन में ग्राम नारहाड़ा में रास्तों और जलभराव की समस्या का समाधान कराने तथा ग्राम बहचौला स्थित औद्योगिक इकाई की पर्यावरणीय जांच कराने की मांग भी शामिल रही।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
भाकियू किसान क्रांति ने कहा कि मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर संगठन आंदोलन तेज करेगा। इसके तहत धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और तालाबंदी जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई।

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