हाईकोर्ट बेंच की मांग पर अधिवक्ताओं का बड़ा फैसला
भाजपा सांसद, विधायक और मंत्रियों के कचहरी प्रवेश का विरोध; भाजपा से जुड़े अधिवक्ताओं को नोटिस और जनप्रतिनिधियों के वकालतनामे वापस लेने का निर्णय
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर मेरठ के अधिवक्ताओं ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद मंगलवार को हुई आमसभा में अधिवक्ताओं ने भाजपा के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के कचहरी परिसर में प्रवेश का विरोध करने का फैसला लिया। साथ ही मेरठ बार एसोसिएशन में भाजपा से जुड़े प्रतिनिधि सदस्यों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया गया है।
वकालतनामे वापस लेने का निर्णय
आमसभा में यह भी तय किया गया कि मेरठ बार एसोसिएशन के ऐसे सदस्यों को नोटिस दिया जाएगा, जिनके भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आती है। स्पष्टीकरण के बाद बार के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेने की बात कही गई।
इसके अलावा एमपी-एमएलए कोर्ट में भाजपा के जनप्रतिनिधियों की ओर से दाखिल वकालतनामे वापस लेने का निर्णय भी लिया गया। अधिवक्ताओं ने कचहरी के प्रवेश द्वारों पर अपने आंदोलन से संबंधित बैनर लगाने की बात कही है।
मुख्यमंत्री के रुख पर जताई नाराजगी
अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से सोमवार को हुई मुलाकात के दौरान हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे पर कथित तौर पर मिले जवाब को लेकर नाराजगी जताई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अधिवक्ताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर करने की सलाह दी।
आमसभा में मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की बात भी सामने आई। भाजपा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से वकालतनामा वापस लेने का निर्णय भी इसी क्रम में बताया गया है।
बुधवार को 22 जिलों में न्यायिक कार्य से विरत रहने का ऐलान
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ताओं द्वारा बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले भी पश्चिमी यूपी के अधिवक्ता बेंच की मांग को लेकर न्यायिक कार्य बहिष्कार कर चुके हैं।
बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित है, जिसमें हाईकोर्ट बेंच की मांग और आंदोलन के आगामी कार्यक्रम की जानकारी देने की बात कही गई है।

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