एक कदम सुपोषण की ओर” अभियान में गाजियाबाद टॉप पर
जिले में ई-कवच पर किए गए सबसे ज्यादा 4274 पंजीकरण, 189 पहली तिमाही में हुए
- सूबे में प्रयागराज और मुजफ्फरनगर जनपद क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे
- गर्भवती और धात्री माताओं को दी जा रहीं आईएफए और कैल्शियम की गोली
गाजियाबाद, 16 जून, 2023। शासन से जारी की गई “एक कदम सुपोषण की ओर” अभियान की रैंकिंग में गाजियाबाद ने टॉप किया है। अभियान के दौरान 15 जून तक ई-कवच पर सबसे अधिक 4274 गर्भवती पंजीकृत हुई हैं। इनमें से 189 का पंजीकरण गर्भ की पहली तिमाही में किया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने दी। उन्होंने बताया - शासन से 1500 या उससे अधिक पंजीकरण करने वाले 24 जिलों को शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं और अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक पंजीकरण कर आईएफए और कैल्शियम सप्लीमेंट उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया है। 4158 गर्भवती पंजीकरण कर प्रयागराज सूबे में दूसरे नंबर पर 3782 पंजीकरण कर मुजफ्फरनगर जनपद तीसरे नंबर पर है।
सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया - मातृ - शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि गर्भवती का स्वास्थ्य बेहतर हो, गर्भवती स्वस्थ होगी तभी वह स्वस्थ शिशु को जन्म देगी, और गर्भवती के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सुपोषण पर ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए शासन के निर्देश पर सूबे में सात जून से “एक कदम सुपोषण की ओर” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। यह कार्यक्रम छह जून तक चलेगा। अभियान के तहत गर्भवती और धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताओं को चिन्हित कर ई कवच पर पंजीकृत करने के साथ ही एनीमिक का चिन्हांकन और चिकित्सकीय प्रबंधन उपलब्ध कराना है।
सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया - अभियान के तहत गर्भवती और धात्री महिलाओं को आईएफए और कैल्शियम की गोली भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक जनपद में 2.77 लाख से अधिक आईएफए और 4.46 लाख से अधिक कैल्शियम की गोली वितरित की जा चुकी हैं। इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि गर्भवती और धात्री माताओं के भोजन में क्या - क्या शामिल करें ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे और शिशु भी स्वस्थ एवं बलवान बनें।
एसीएमओ (आरसीएच ) डा. डीएम सक्सेना ने कहा - गर्भवती - धात्री माताओं और शिशु का स्वास्थ्य, दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। गर्भकाल में शिशु अपना भोजन मां के शरीर से प्राप्त करता है और फिर स्तनपान से। उन्होंने बताया - आयरन के लिए नियमित रूप से हरी सब्जियों का सेवन करें साथ ही कैल्शियम के लिए दूध-दही का सेवन करें। प्रोटीन की पूर्ति के लिए दाल और पनीर आदि का नियमित सेवन जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग और समेकित बाल विकास सेवा, पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) मिलकर गर्भवती और धात्री महिलाओं को आईएफए और कैल्शियम की गोलियां वितरित कर रहे हैं। आशा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गंभीर तीव्र अति कुपोषित (सैम) बच्चों का चिन्हांकन कर पुष्टाहार उपलब्ध कराएंगी और साथ ही चिकित्सकीय प्रबंधन भी कराएंगी।


No comments:
Post a Comment