अप्रैल माह में चले संचारी रोग नियंत्रण अभियान में मंडल में पहले स्थान पर रहा जनपद
- गाजियाबाद को सूबे में छठा स्थान प्राप्त हुआ, 2022 में 36 वें स्थान पर था जिला
- डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ और पाथ की रिपोर्ट के आधार पर शासन से होती है रैंकिंग
गाजियाबाद, 24 जून, 2023। अप्रैल-2023 में चलाए गए संचारी रोग नियंत्रण अभियान में गाजियाबाद जनपद मेरठ मंडल में पहले स्थान पर रहा है। प्रदेश स्तर पर बात करें तो जनपद छठे स्थान पर आया है, वर्ष 2022 में संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जनपद को 36वां स्थान प्राप्त हुआ था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने बताया - विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ और पाथ जैसी तीन स्वतंत्र एजेंसियों की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर शासन से रैंकिंग की जाती है। एक जुलाई से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान संबंधित विभाग बेहतर सामंजस्य के साथ काम करके प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग और बेहतर करने का प्रयास करेंगे।
सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने बताया - अप्रैल-2023 में संचालित अभियान के दौरान बेहतर कार्य करने वाली संस्थाओं और विभागीय अधिकारी- कर्मचारियों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली अंतर्विभागीय बैठक में सम्मानित किया जाएगा। अभियान को लेकर अगली अंतर्विभागीय बैठक जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में 29 जून को होगी। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) जीके मिश्रा ने बताया – प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के निर्देशन में ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न होने के साथ ही 27 जून तक सभी संबंधित अपनी कार्य योजना अभियान के नोडल विभाग स्वास्थ्य विभाग को भेज देंगे।
डीएमओ ने बताया - प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के फ्रंट लाइन वर्कर्स और नगर निकायों के सफाई कर्मियों को बताया जाएगा कि मच्छर से होने वाली बीमारियों पर काबू करने के लिए क्या करें, क्या न करें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें, जल जमाव न होने दें। इसी प्रकार शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रम में सहयोग के लिए सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) को प्रशिक्षित किया जाएगा। एबीएसए स्कूलों में जाकर शिक्षकों का संवेदीकरण करेंगे और शिक्षक छात्रों का संवेदीकरण करेंगे। मच्छर जनित बीमारियों पर सामूहिक प्रयास से ही काबू पाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता बहुत जरूरी है।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह के दौरान पहले चरण में जागरूकता के लिए गतिविधियों का आयोजन और साफ-सफाई व कीटनाशक छिड़काव किया जाएगा। 17 जुलाई से दूसरे चरण में दस्तक अभियान के तहत बुखार, आईएलआई (इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस), क्षय रोगी, कुपोषित बच्चे और ऐसे मकानों की लाइन लिस्टिंग की जाएगी, जहां घरों के अंदर मच्छरों का प्रजनन पाया गया हो।
एंटी मलेरिया माह में अब तक 70 हजार से अधिक स्लाइड बनीं
जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया- एक जून से शुरू हुए एंटी मलेरिया माह के दौरान पांच स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें बचाव, कीटनाशक छिड़काव, ज्वर सर्वे, स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर पर मच्छर की ब्रीडिंग न होने देने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ज्वर सर्वे के दौरान अब तक जिले में 70 हजार से अधिक बुखार पीड़ितों की मलेरिया स्लाइड (रक्त पट्टिका) तैयार कराई गई है और दो मलेरिया रोगियों को खोजा गया है। जिले में जनवरी-2023 से अब तक केवल चार मलेरिया रोगी मिले हैं, 2022 में जनपद में मलेरिया के कुल 15 मामले सामने आए थे।


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