जीवित रहकर स्वर्ग देखना है, तो ध्यान क्रिया को जीवन में आत्मसात करना होगा- धर्म प्रकाश भारती
महलवाला में सुभारती ब्रहम विहार का हुआ उद्घाटन
मेरठ। संघमाता डॉ. मुक्ति ग्लोबल बुद्धिस्ट फाउन्डेशन के द्वारा ग्राम महलवाला गढ़ रोड़ मेरठ में सुभारती ब्रहम विहार का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धर्म प्रकाश भारती बौद्ध, सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, सुभारती ग्रामीण स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डॉ. आरबीएस पुष्कर, साधना विशेषज्ञ भंते कुसल सुमन, ब्रहम विहार प्रशिक्षक भंते विमल बोधी, ब्रहम विहार सचिव दिनेश कृष्ण, वरिष्ठ समाजसेवी शिब्बन लाल स्नेही, महेश महलवाला, चमन प्रधान, राजकुमार सागर ने तथागत बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
सुपश्यना ध्यान केन्द्र का लोकार्पण मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री धर्म प्रकाश भारती बौद्ध ने सभी गणमान्य लोगो की उपस्थिति में किया। इस दौरान सभी अतिथियों का पंचशील पटका पहनाकर स्वागत किया गया।भंते कुसल सुमन द्वारा तथागत बुद्ध के संदेश एवं उनकी शिक्षाओं से सभी का ज्ञान वर्धन किया गया।सुभारती ग्रामीण स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक डॉ. आरबीएस पुष्कर ने मुख्य अतिथि धर्म प्रकाश भारती बौद्ध का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने ध्यान साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी का ज्ञान वर्धन भी किया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बौद्ध महासंघ के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री धर्म प्रकाश भारती बौद्ध ने कहा कि ध्यान साधना से जीवन में एकाग्रता आती है। उन्होंने कहा कि अगर जीवित रहकर स्वर्ग देखना है, तो ध्यान क्रिया को जीवन में आत्मसात करना होगा। उन्होंने कहा कि तथागत बुद्ध ने विश्व को शांति का संदेश देकर भारत को विश्व गुरू बनाया और आज आवश्यकता है कि तथागत बुद्ध के मार्ग पर चलकर मानवता के कल्याण हेतु कार्य किये जाए। उन्होंने कहा कि भारत को अखण्ड बनाने के लिये जाति व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए और पंचशील के सिद्धांत पर अमल करते हुए कार्य करने चाहिए। उन्होंने सुभारती ब्रहम विहार के शुभारंभ पर सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे के सरोकार हेतु जीवन व्यतीत करते है, वे इतिहास बनाते है और मेरठ की धरती से डॉ. अतुल कृष्ण ने शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर गौरवशाली इतिहास स्थापित किया है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से सुपश्यना ध्यान केंद्र के माध्यम से मानसिक लाभ अर्जित करने की अपील की।
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि तथागत बुद्ध ने ध्यान साधना को अपनी शिक्षाओं में सम्मिलित किया है। उन्होंने कहा कि विपश्यना स्वाध्याय का ही एक रूप है, जिसके तहत जीवन जीने की कला का ज्ञान होता है। उन्होंने कहा कि ध्यान के माध्यम से मन के अंदर सभी नकारात्मक भाव को समाप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है।
ब्रहम विहार प्रभारी राजकुमार सागर ने बताया कि सुभारती ब्रहम विहार द्वारा तथागत बुद्ध की शिक्षाओं व ध्यान क्रियाओं एवं विचारों को प्रचारित व प्रसारित किया जाएगा। इसके लिए निःशुल्क ध्यान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जो तीन व पांच दिवसीय होंगे। उन्होंने उपस्थित सभी लोगो से तथागत की शिक्षाओं को आत्मसात करने की अपील करते हुए मानव उत्थान के कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महेश महलवाला, जिला पंचायत सदस्य अमित फौजी, सुभाष प्रधान ने भी अपने विचार रखे। म्यूजिक डायरेक्टर विजय सैनी ने बुद्ध गीत सुनाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। साधना विशेषज्ञ भंते कुसल सुमन ने ध्यान प्रक्रिया समझाकर सभी को इससे जोड़ा एवं कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में विभिन्न गाँव के सभी धर्मों एवं वर्गां के गणमान्य व्यक्तियों सहित श्री तिलकराम, अरविंद पुष्कर, ब्रहम विहार सचिव दिनेश कृष्ण, प्रभारी राजकुमार सागर, म्यूजिक डायरेक्टर विजय सैनी, संस्कृति विभाग के निदेशक विवेक कुमार, विकास त्यागी, ऋषि त्यागी, इन्द्रपाल बौद्ध, सेवाराम, मास्टर संजय, आदि उपस्थित रहे।


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