अमेरिका की फुल कोर्ट पीस संस्था ने बास्केटबॉल खिलाडियों को
दान किए किट व जूते
मेरठ। भारत में बास्केटबॉल खेल को बढ़ावा देने के लिये विदेशी समाज सेवी संस्था भी आगे आने लगी है। शास्त्री नगर स्थित विद्या इंटर कालेज में बास्केटबॉल को बढ़ावा देने के लिए वहां के खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के खेल से उभरने के लिये अमेरिका की फुल कोर्ट पीस नामक संस्था के सदस्यों ने बीड़ा उठाया है। स्कूल के अंदर बने बास्केटबॉल मैदान की देखभाल के साथ वहां खेलने वाले खिलाडियों को शनिवार को किट व जूते प्रदान किए।
अमेरिका निवासी आकर्ष त्रिपाठी फुल कोर्ट पीस संस्था के सदस्य है। इस संस्था के बास्केटबॉल प्रशिक्षण माइक इवन है । यह संस्था साउथ अमेरिका , यूरोप व अमेरिका में पूरी तरह सक्रिय है। आकर्ष त्रिपाठी ने भारत में बास्केटबॉल खेल को बढावा देने के लिये अपने दोस्तों व जानकारों से 50 हजार रूपये एकत्र किए। इस धनराशि से उन्होंने विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बास्केटबॉल खिलाडियों के किट, जूते नेट प्रदान किये। उन्होंने कुछ राशि बास्केटबॉल के मैदान की मरम्मत करने के भी दी। आकर्ष त्रिपाठी ने बताया उनके दादा, दादी, व मॉ गुंजन शर्मा निवासी है। उनकी मॉ ने मेरठ से ही पढाई की है। उन्होंने बताया बास्केटबॉल खेलने के लिये क्रिकेट मैदान की अपेक्षा कम जगह की जरूरत होती है। इस खेल को भारत में भी बढावा देने के लिये आवश्कता है। वहीं किट व जूते पाकर खिलाडियों की चेहरे खिल उठे। इस मौके पर डा. शालिन आदि मौजूद रहे। भारत में बास्केटबॉल खेल को बढ़ावा देने के लिये विदेशी समाज सेवी संस्था भी आगे आने लगी है। शास्त्री नगर स्थित विद्या इंटर कालेज में बास्केटबॉल को बढ़ावा देने के लिए वहां के खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के खेल से उभरने के लिये अमेरिका की फुल कोर्ट पीस नामक संस्था के सदस्यों ने बीड़ा उठाया है। स्कूल के अंदर बने बास्केटबॉल मैदान की देखभाल के साथ वहां खेलने वाले खिलाडियों को शनिवार को किट व जूते प्रदान किए।
अमेरिका निवासी आकर्ष त्रिपाठी फुल कोर्ट पीस संस्था के सदस्य है। इस संस्था के बास्केटबॉल प्रशिक्षण माइक इवन है । यह संस्था साउथ अमेरिका , यूरोप व अमेरिका में पूरी तरह सक्रिय है। आकर्ष त्रिपाठी ने भारत में बास्केटबॉल खेल को बढावा देने के लिये अपने दोस्तों व जानकारों से 50 हजार रूपये एकत्र किए। इस धनराशि से उन्होंने विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बास्केटबॉल खिलाडियों के किट, जूते नेट प्रदान किये। उन्होंने कुछ राशि बास्केटबॉल के मैदान की मरम्मत करने के भी दी। आकर्ष त्रिपाठी ने बताया उनके दादा, दादी, व मॉ गुंजन शर्मा निवासी है। उनकी मॉ ने मेरठ से ही पढाई की है। उन्होंने बताया बास्केटबॉल खेलने के लिये क्रिकेट मैदान की अपेक्षा कम जगह की जरूरत होती है। इस खेल को भारत में भी बढावा देने के लिये आवश्कता है। वहीं किट व जूते पाकर खिलाडियों की चेहरे खिल उठे। इस मौके पर डा. शालिन आदि मौजूद रहे।



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