रालोद नेता अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयानों की कर रहे अनदेखी
मेरठ। चुनाव की पिच पर राजनीति की चौपड़ बिछ गई है। सभी राजनीतिक दल अपने पासे फेंकने में जुटे हैं। इसमें पार्टियों के दिग्गज भी शामिल हैं और चुनाव में अपना भाग्य आजमाने वाले संभावित प्रत्याशी भी। 2022 के विधान सभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में अफरातफरी सी मची है, इसमें राजनीतिक दलों के दिग्गज पूर्व में दिए गए बयानों को ही भूल बैठे हैं, इससे रालोद भी अछूता नहीं है। रालोद ऐसी पार्टी है जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि समझती है।
प्रदेश में सत्ता पर काबिज भाजपा को पिच से हटाने को सभी दल तत्पर हैं। रालोद भी इसमें पीछे नहीं है। इस लिहाज से सम्मेलनों और बैठकों तथा सभाओं का आयोजन जारी है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने विगत दिनों एक सभा में ऐलान किया था कि जब तक भाजपा को सत्ता से नहीं उतार देंगे तब तक फूल माला नहीं। इस बयान को पार्टी के तमाम नेताओं ने गंभीरता से लिया लेकिन पार्टी के ही कुछ नेता उनके इस बयान की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
रालोद में युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा का एक फोटो मीडिया में आया है जिसमें वह माला पहने पार्टी समर्थकों से अपना स्वागत करा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के कई गोवों में जनसंपर्क किया था। बता दें कि सरूरपुर क्षेत्र के गांव गून में अनुसूचित जाति द्वारा गत दिनों एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कार्यकत्र्ताओं ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया था। यह कार्यक्रम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की 25 अक्टूबर की आशीर्वाद जनसभा को सफल बनाने के लिए किया गया था। अब आयोजन में युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा का माला पहनकर स्वागत कराना पार्टी में ही चर्चा का विषय बना हुआ है।
बता दें कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चैधरी का कार्यक्रम निरंतर चल रहा है। शनिवार को बागपत जनपद में भी उनकी एक सभा हुई। उनके निशाने पर भाजपा और उसकी नीतियां हैं। बड़ौत में भी उन्होंने भाजपा को ही निशाने पर रखा। अति उत्साही नेता यहां भी पीछे नहीं रहे। जनता वैदिक कालेज के मैदान पर आयोजित रालोद की जनसभा में जयंत चौधरी के आने से पहले मंच पर बैठने को लेकर जमकर हंगामा हो गया। रालोद महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष से माइक छीन लिया गया। माइक को लेकर छीनाझपटी हुई। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ने गुस्से में आकर इस्तीफा देने का एलान करते हुए जनसभा छोड़कर चली गई। दौरान कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट तक हुई। हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा वापस लेने की बात कही। सवाल है कि पार्टी के कथित अति उत्साही नेता पार्टी के लिए मुसीबत तो नहीं बन जाएंगे।

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