न्यूज प्रहरी संवाद
भारतीय टीम के लिए चयनित होने के बाद अपने गांव लौटे कासिम पुत्र जमशेद अली ने बताया कि हैदराबाद में हुए ट्रायल में बोर्ड ऑफ डिसेबल क्रिकेट एसोसिएशन के समक्ष देश भर से 65 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इनमें से 25 सलेक्ट हुए हैं, जिसमें कासिम का सलेक्शन तीनों फार्मेट में कुछ मैच खेलने के लिए हुआ है। आने वाली 12 सितंबर से बंग्लादेश के साथ होने वाले टेस्ट, वनडे और टी-20 सिरीज के लिए जयपुर, हैदराबाद, औरंगाबाद, चेन्नई समेत विभिन्न शहरों में मैचों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा एक टी-20 मैच साउथ स्टार के साथ वाईजैक में भी होगा। बताते चलें कि बोर्ड ऑफ डिसेबल क्रिकेट एसोसिएशन 40 से 70 प्रतिशत तक शारीररिक रूप से अक्षम दिव्यांग खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करता है।
ऐसी हुई हौसलों की उड़ान
सरधना। कहा जाता है कि सफर ये आसमानों का बहुत दुश्वार है लेकिन/हमारे हौसले पर बनके खुद परवाज करते हैं। कासिम ने अपने हौसलों से इस शेर को चरितार्थ किया है। कासिम बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट खेलने का बहुत शौक है, लेकिन अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण मायूसी भी होती रही। लेकिन दोस्तों के साथ-साथ अम्मी ने इस मायूसी को जेहन पर हावी नहीं होने दिया। एक दिन उन्हें मरहूम मास्टर इंतजार अली ने बताया कि मेरठ में शारीरिक रूप से अक्षम खिलाड़ियों का ट्रायल होने वाला है, जिसमें उसने भाग लिया और यहीं से उसके सपनों में रंग भरने का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद उन्होंने केरल, झारखंड, मध्य प्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, चेन्नई, बिहार, उडीसा, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान, मुम्बई आदि विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर प्रदर्शन किया। इसी का परिणाम है कि हैदराबाद में आयोजित बोर्ड ऑफ डिसेबल क्रिकेट एसोसिएशन से भी निमंत्रण मिला और देश के लिए खेलने का अवसर दिया गया।




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