दुर्गा भाभी के साहस और राष्ट्रभक्ति से छात्राओं ने ली प्रेरणा
सीसीएसयू के दुर्गा भाभी बालिका छात्रावास में हवन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाई गई महान क्रांतिकारी की जयंती
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित दुर्गा भाभी बालिका छात्रावास में महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी दुर्गा भाभी की जयंती श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-पूजन के साथ हुआ। आचार्य रामवीर ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। छात्रावास की छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दुर्गा भाभी के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बृजमोहन गुप्ता रहे। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) संगीता शुक्ला और मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
साहस, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा की मिसाल
मुख्य अतिथि बृजमोहन गुप्ता ने कहा कि दुर्गा भाभी केवल स्वतंत्रता आंदोलन की महिला क्रांतिकारी नहीं थीं, बल्कि भारतीय नारी के साहस, आत्मविश्वास, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा की अद्वितीय मिसाल थीं। ऐसे दौर में जब महिलाओं के लिए सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण था, उन्होंने अदम्य साहस के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि दुर्गा भाभी ने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर राष्ट्रहित को रखा। क्रांतिकारियों का सहयोग करते हुए उन्होंने कई जोखिम भरे कार्य किए। उनका जीवन संदेश देता है कि देशभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रहित में त्याग और साहस के साथ कर्तव्य निभाने का नाम है।
छात्राओं से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान
गुप्ता ने छात्राओं से कहा कि आज देश स्वतंत्र है और परिस्थितियां बदल चुकी हैं, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी के कंधों पर है। शिक्षा, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच आज सच्ची देशसेवा के माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं से दुर्गा भाभी के साहस और आत्मविश्वास को अपने जीवन का हिस्सा बनाने तथा शिक्षा और प्रतिभा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में दुर्गा भाभी के नाम पर छात्रावास होना गौरव की बात है। यह छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि छात्राओं के लिए प्रेरणा, संस्कार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व विकास का केंद्र भी बनना चाहिए।
कुलपति ने कहा- युवा पीढ़ी से बनेगा राष्ट्र का भविष्य
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने छात्राओं से दुर्गा भाभी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ छात्राओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम का विकास जरूरी है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी से निर्मित होता है और छात्राओं की शिक्षा एवं सशक्तीकरण राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार ने भी दुर्गा भाभी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को उनके आदर्शों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।
देशभक्ति प्रस्तुतियों से बांधा समां
कार्यक्रम में छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दुर्गा भाभी के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत किया। प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण की झलक देखने को मिली। अतिथियों ने छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के आयोजन में वार्डन डॉ. सरु, सहायक वार्डन प्रो. नाजिया तरन्नुम, सहायक वार्डन निधि भाटिया, निधि गर्ग, पूनम, मीनाक्षी, रमिता, ममता, जितेंद्र और प्रेमलता समेत छात्राओं तनु, विधि, अंशिका, सानिया, ख्याति, रेनू और शिवांशी का योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन दुर्गा भाभी के आदर्शों को जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के संकल्प के साथ हुआ।


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