देशभक्ति के रंग में रंगा मेरठ, हजारों विद्यार्थियों ने निकाली अखंड भारत रैली
कैलाश प्रकाश स्टेडियम से नेताजी चौक तक गूंजे राष्ट्रप्रेम के स्वर, आजाद हिंद फौज के 100 वर्षीय सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट ने गाया ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’
मेरठ। हाथों में तिरंगा, दिल में राष्ट्रप्रेम और जुबां पर आजादी के वीरों का जयघोष। बुधवार को मेरठ की सड़कों पर निकली अखंड भारत रैली ने देशभक्ति का माहौल बना दिया। कैलाश प्रकाश स्टेडियम से शुरू हुए ‘अखंड भारत स्वतंत्रता दिवस महापर्व-2026’ में 50 से अधिक स्कूल-कॉलेजों के हजारों विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। रैली के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, भारत विकास परिषद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जन्मदिवस समारोह समिति, क्रीड़ा भारती, राष्ट्रीय सैनिक संस्था और अन्य सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महापर्व का शुभारंभ आजाद हिंद फौज के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने ध्वजारोहण कर किया। कार्यक्रम में सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण, इतिहासकार प्रो. कपिल कुमार, कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, वीर चक्र (सेवानिवृत्त) और विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उम्र सौ पार, आवाज में वही जोश
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब सौ वर्ष से अधिक आयु के लेफ्टिनेंट आर. माधवन पिल्लई ने आजाद हिंद फौज का प्रसिद्ध गीत ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ गाया। उनके ओजस्वी स्वर ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों में उत्साह भर दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद रखना तथा उनकी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने महिला सम्मान और स्वच्छता को भी सच्ची देशभक्ति का अभिन्न अंग बताया।
21 अक्टूबर को स्वतंत्रता दिवस घोषित करने की मांग
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद सरकार की स्थापना कर स्वतंत्र भारत की संप्रभुता की ऐतिहासिक घोषणा की थी। उन्होंने केंद्र सरकार से इस तारीख को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मान्यता देने पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महापर्व का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के उन अध्यायों को जन-जन तक पहुंचाना है, जिनमें नेताजी और आजाद हिंद फौज का योगदान महत्वपूर्ण रहा।
स्टेडियम से नेताजी चौक तक निकली रैली
कैलाश प्रकाश स्टेडियम से निकली रैली अंबेडकर तिराहा, पूर्वी कचहरी मार्ग और चंद्रशेखर आजाद चौराहे से होते हुए कचहरी के पश्चिमी द्वार के सामने पहुंची। इसके बाद मेरठ कॉलेज के सामने स्थित नेताजी चौक पर गणमान्य अतिथियों ने डॉ. अतुल कृष्ण के साथ रैली की सलामी ली। रैली आयुक्त कार्यालय के सामने से गुजरते हुए वापस कैलाश प्रकाश स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली के मार्ग में विभिन्न नागरिक संस्थाओं ने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की। आयोजन में विद्यार्थियों की भागीदारी ने स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रसेवा के संदेश को प्रमुखता से सामने रखा।




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