साइबर ठगी से बचाव के लिए आरसेटी में जागरूकता सत्र
37 प्रतिभागियों को डिजिटल गिरफ्तारी, मनी म्यूल खाते और ओटीपी-यूपीआई फ्रॉड से बचने के तरीके बताए
मेरठ। केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को आरसेटी, मेरठ में साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। केनरा बैंक, मेरठ के क्षेत्रीय सतर्कता अधिकारी मनीष कुमार वार्ष्णेय ने प्रतिभागियों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में रमेश जोशी और माधुरी शर्मा भी मौजूद रहे। सत्र में कुल 37 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मनी म्यूल खाते से लेकर डिजिटल गिरफ्तारी तक समझाया
सत्र में मनी म्यूल खातों, डिजिटल गिरफ्तारी, ओटीपी साझा करने, यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी समेत साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया गया। प्रतिभागियों को समझाया गया कि अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। इसके अलावा ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर डराने से रहें सावधान
अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर लोगों को भयभीत करते हैं और उनसे धनराशि ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित विभाग से उसके आधिकारिक माध्यम से जानकारी और सत्यापन करने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
प्रतिभागियों को बताया गया कि साइबर धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए संबंधित बैंक को सूचना दें और 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के प्रति जागरूक करना और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ाना रहा।

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