नौकरी छोड़ने के एक साल बाद निकाल सकेंगे पीएफ

मेरठ में ईपीएफओ और आईआईए की बैठक में उद्यमियों के सवालों का समाधान, नई वेतन सीमा और सामाजिक सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

मेरठ। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशनकी संयुक्त बैठक में मंगलवार को कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। होटल क्रिस्टल पैलेस में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने उद्यमियों को भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा और रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं के नियम समझाए। इस दौरान उद्यमियों ने PF निकासी, अंशदान, पंजीकरण और कर्मचारियों की पात्रता से जुड़े सवाल पूछे।

बैठक में बताया गया कि PF की अनिवार्य सदस्यता के लिए वेतन सीमा बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। वहीं, ESIC का लाभ 21 हजार रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों को मिलेगा। अधिकारियों ने संस्थानों में कर्मचारियों से संबंधित अभिलेख और अंशदान की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया।

नौकरी छोड़ने के एक साल बाद PF निकालने की जानकारी

अधिकारियों के अनुसार, नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी एक वर्ष की अवधि के बाद PF निकाल सकेगा, जबकि सेवानिवृत्ति के मामले में PF निकासी की सुविधा तत्काल उपलब्ध होगी। बैठक में श्रमिकों के लिए PF से 75 प्रतिशत राशि निकालने से संबंधित प्रावधान की भी जानकारी दी गई।

रोजगार योजनाओं पर भी चर्चा

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम महेश सिंह और अन्य अधिकारियों ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना तथा रोजगार प्रोत्साहन से जुड़ी पहलों की जानकारी दी। बताया गया कि इन योजनाओं का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर बढ़ाने के साथ नियोक्ताओं और कर्मचारियों को निर्धारित प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ देना है। बैठक में ईईसी-26 और विश्वास योजना के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।

ईपीएफओ -ईएसआईसी के अधिकारियों ने दिए जवाब

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा से जुड़े अंशदान, पंजीकरण, कर्मचारियों की पात्रता और विभिन्न योजनाओं के लाभ को लेकर सवाल पूछे। अधिकारियों ने नए नियमों के अनुपालन और डिजिटल पोर्टल के संचालन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान की जानकारी दी। औद्योगिक श्रमिकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं और दावों के त्वरित निस्तारण पर भी चर्चा हुई।

बैठक मेंईपीएफओ की ओर से अंकुर पी. गुप्ता और क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम महेश सिंह, जबकि ESIC की ओर से नीरज कुमार गुप्ता मौजूद रहे। IIA अध्यक्ष अंकित सिंघल, सचिव गौरव जैन, कोषाध्यक्ष मन रस्तोगी, अनुराग अग्रवाल, उपाध्यक्ष तनुज गुप्ता समेत अन्य उद्यमी उपस्थित रहे।


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