इंडिया मोबाइल कांग्रेस में सीसीएसयू ने दिखाई तकनीकी ताकत
यशोभूमि में शिक्षकों के शोध, आधुनिक आविष्कार और छात्र स्टार्टअप्स ने खींचा विशेषज्ञों का ध्यान
नई दिल्ली/मेरठ। नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने अपनी तकनीकी और शोध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। एशिया के बड़े प्रौद्योगिकी सम्मेलनों में शामिल आईएमसी का आयोजन सात से 10 अक्टूबर तक किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन और ‘सृजन संचार’ के सहयोग से सीसीएसयू की टीम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध, नवाचार और छात्र स्टार्टअप्स को प्रस्तुत किया।
सम्मेलन के पहले दिन विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद सदस्य डॉ. शैलेंद्र जायसवाल एवं प्रो. आरके सोनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सहभागिता की। दल में डॉ. शोभित सक्सेना, डॉ. अंशु चौधरी और ईसी संकाय के छात्र सौबान शामिल रहे। कुलपति की ओर से टीम को विशेष प्रोत्साहन दिया गया। कार्यक्रम के समन्वय और प्रबंधन में विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की प्रो. नाजिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बायोसेंसर से उन्नत एंटीना तक
आईएमसी की तकनीकी प्रदर्शनी में सीसीएसयू के शिक्षकों और छात्र शोधकर्ताओं ने आधुनिक तकनीकों, शोध पोस्टरों और स्टार्टअप्स का प्रदर्शन किया। डॉ. राकेश कुमार पांडेय ने बायोसेंसर और वियरेबल आईसी तकनीक प्रस्तुत की। वहीं डॉ. शोभित सक्सेना ने उन्नत एंटीना तकनीक का प्रदर्शन किया। डॉ. अंशु चौधरी समेत टीम के शोध पोस्टरों को विशेषज्ञों ने सराहा।
छात्र स्टार्टअप्स ने भी दिखाई क्षमता
विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र स्टार्टअप्स ने भी आईएमसी में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन किया। ‘0LAB’ (जीरो लैब) के फाउंडर एवं रिसर्चर केशरी नंदन ने स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए फिजिकल ऑन-डिवाइस एज एआई मॉडल प्रस्तुत किया। वहीं ‘क्रूजहेड’ के निदेशक सौबान अहमद ने आधुनिक एग्रीकल्चर ड्रोन का प्रदर्शन किया।
विश्वविद्यालय की टीम की ओर से बताया गया कि आईएमसी जैसे वैश्विक तकनीकी मंच पर शोध और स्टार्टअप्स की प्रस्तुति से विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं को उद्योग विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों और नवाचार से जुड़े लोगों के साथ संवाद का अवसर मिल रहा है। इससे विश्वविद्यालय में विकसित तकनीकों को आगे बढ़ाने और उन्हें व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर उत्साह
आईएमसी में आठ अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर भी सीसीएसयू के प्रतिनिधिमंडल में उत्साह है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री के समक्ष देश में विकसित हो रही तकनीकी क्षमता और नवाचारों को देखने का अवसर इस आयोजन को और महत्वपूर्ण बनाता है। सीसीएसयू की सहभागिता से विश्वविद्यालय के शोध एवं छात्र स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।


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