विश्व मानक दिवस पर स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा पर मंथन

सीसीएसयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया तकनीकी संगोष्ठी का उद्घाटन, मेरठ लोकल सेंटर के नए कार्यालय में पहली बार हुआ आयोजन

मेरठ, 14 अक्टूबर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में बुधवार को विश्व मानक दिवस के अवसर पर द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर की ओर से तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा संसाधनों के सतत उपयोग और देश के विकास में तकनीकी मानकों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और लखनऊ से आए विशिष्ट अतिथि एवं इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के उत्तर प्रदेश प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर विजय प्रताप सिंह ने किया। विश्वविद्यालय और संस्था के बीच करीब डेढ़ माह पहले कार्यालय स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस कार्यालय में आयोजित यह पहला कार्यक्रम था।

वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर अनुसंधान जरूरी

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास और अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऊर्जा की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए नवीन तकनीकों को अपनाना और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

ऊर्जा प्रणालियों की गुणवत्ता और सुरक्षा में मानकों की अहम भूमिका

मुख्य वक्ता भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), गाजियाबाद के वैज्ञानिक एवं उप निदेशक प्रशांत यादव ने विश्व मानक दिवस-2026 की थीम ‘अफोर्डेबल एंड क्लीन एनर्जी’ यानी ‘सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा’ पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए ऊर्जा की सतत, सुलभ और व्यावहारिक उपलब्धता आवश्यक है। ऊर्जा स्रोतों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग में भारतीय मानक ब्यूरो की महत्वपूर्ण भूमिका है। निर्धारित मानकों से ऊर्जा प्रणालियों की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. नीरज सिंघल ने ऊर्जा के अनुशासित उपयोग और भविष्य के लिए इसकी सतत उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में ऊर्जा संसाधनों का योजनाबद्ध इस्तेमाल बेहद जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-7 के अनुरूप सभी को सस्ती, विश्वसनीय, टिकाऊ और आधुनिक ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित मानकों को अपनाना और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।

इंजीनियरिंग से समाजोपयोगी कार्यों का आह्वान

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के उत्तर प्रदेश प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर विजय प्रताप सिंह ने सदस्यों से आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ संस्था को अधिक व्यापक एवं जनोपयोगी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने मेरठ लोकल सेंटर के कार्यालय के लिए स्थान उपलब्ध कराने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया। साथ ही, भविष्य में पारस्परिक सहयोग से तकनीकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में अतिथियों और सहयोगियों को सम्मान-प्रतीक प्रदान कर सम्मानित किया गया। मेरठ लोकल सेंटर के चेयरमैन इंजीनियर एससी मित्तल ने अध्यक्षता की। इंजीनियर रजनीश कुमार ने संचालन किया, जबकि केंद्र के मानद सचिव इंजीनियर निखिल किशोर ने अतिथियों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त अधिकारी और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में आरपी अग्रवाल, मनीष मिश्रा, लक्ष्मी शंकर सिंह, विकास त्यागी, मनोज कुमार सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।

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