आधे शुल्क में कृषि भूमि करा सकेंगे आवासीय, मेडा बोर्ड बैठक में आएंगे 11 प्रस्ताव
नई नियमावली-2026 से अवैध कॉलोनियों को राहत मिलने की उम्मीद, 6000 वर्गमीटर तक भू-उपयोग परिवर्तन का अधिकार प्राधिकरण स्तर पर
मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की 131वीं बोर्ड बैठक शनिवार को आयोजित होगी। बैठक में 11 प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2026 को अंगीकृत करने का प्रस्ताव है। नई नियमावली लागू होने से कृषि भूमि का आवासीय, कार्यालय, मिश्रित और वाणिज्यिक उपयोग में परिवर्तन कराना पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा। इससे अवैध कॉलोनियों को भी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में मिलेगी राहत
नई नियमावली के तहत मास्टर प्लान में कृषि उपयोग के लिए दर्ज भूमि का भू-उपयोग बदलवाने के लिए निर्धारित शुल्क में कमी की जाएगी। इसके अंतर्गत नौ मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित कृषि उपयोग की भूमि पर विकसित कॉलोनी के भू-उपयोग को आवासीय कराने के लिए जमीन के सर्किल रेट के आधार पर कुल कीमत का 25 प्रतिशत शुल्क देना होगा।
इसी तरह कार्यालय उपयोग के लिए 50 प्रतिशत, मिश्रित भू-उपयोग के लिए 65 प्रतिशत और वाणिज्यिक उपयोग के लिए 75 प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे भू-उपयोग परिवर्तन कराने वाले लोगों को पहले की तुलना में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
6000 वर्गमीटर तक प्राधिकरण स्तर पर होगा फैसला
नियमावली का एक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि 6000 वर्गमीटर तक की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का काम प्राधिकरण स्तर पर ही किया जा सकेगा। इससे संबंधित मामलों के निस्तारण में तेजी आने और प्रक्रिया आसान होने की संभावना है।
विकास योजनाओं के प्रस्ताव भी होंगे पेश
बोर्ड बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना और बहुआयामी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत कराए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। बैठक में इन प्रस्तावों पर होने वाले निर्णयों से मेरठ के विकास कार्यों और भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।


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