नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी के हलफनामे पर सवाल, कांग्रेस पहुंची हाईकोर्ट
जन्म वर्ष 1966, 1965 में 10वीं पास करने का दावा; भाजपा ने बताया टाइपिंग की गलती, गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई
कोलकाता। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने हसीरानी रथ की उम्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी में विसंगति का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कांग्रेस ने दावा किया है कि हलफनामे में हसीरानी का जन्म वर्ष 1966 दर्ज है, जबकि 10वीं परीक्षा पास करने का वर्ष 1965 बताया गया है।
कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता रित्जू घोषाल ने अदालत में इसी विसंगति को आधार बनाते हुए सवाल उठाया कि यदि जन्म वर्ष 1966 है तो 1965 में 10वीं की परीक्षा कैसे पास की जा सकती है। कांग्रेस ने मांग की है कि यदि शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाती है तो हसीरानी रथ की उम्मीदवारी पर कानूनी कार्रवाई की जाए। याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
कांग्रेस ने हसीरानी रथ द्वारा हलफनामे में बताए गए स्कूल के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाया है। पार्टी के अनुसार चौखाली गंगा पद्म मिलन कन्या विद्यापीठ की स्थापना 1963 में हुई थी और उस समय वहां पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई होती थी। कांग्रेस का दावा है कि स्कूल को 10वीं तक शिक्षा संचालित करने की सरकारी अनुमति 1973 में मिली थी। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव आयोग द्वारा हलफनामे की जांच किए जाने के बावजूद कथित विसंगति पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
भाजपा ने कहा- केवल टाइपिंग की गलती
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे हलफनामे में हुई टाइपिंग की गलती बताया है। पार्टी के मुताबिक हसीरानी रथ ने वर्ष 1980 में 10वीं कक्षा की पढ़ाई की थी और उनकी उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं है। हसीरानी के नंदीग्राम स्थित कार्यालय की ओर से भी कहा गया है कि उनका जन्म वर्ष 1965 में हुआ था और उन्होंने 1980 में माध्यमिक परीक्षा पास की थी।
अब अदालत के सामने मूल दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड, परीक्षा प्रमाणपत्र और नामांकन से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि हलफनामे में दर्ज वर्ष किस वजह से अलग हैं। इसके साथ ही चुनाव आयोग का पक्ष भी सुनवाई में महत्वपूर्ण रहेगा। केवल किसी जानकारी में गलती पाए जाने और उसके आधार पर कानूनन उम्मीदवारी रद्द होने के बीच का कानूनी पहलू भी अदालत को देखना होगा।
चंद्रनाथ रथ की मां हैं हसीरानी
भाजपा प्रत्याशी हसीरानी रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद छह मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हसीरानी रथ ने 15 सितंबर को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नंदीग्राम में अपना नामांकन दाखिल किया था।
टीएमसी प्रत्याशी ने नाम वापस लिया
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट की ओर से संचिता प्रधान डे को प्रत्याशी बनाया गया था। उन्होंने 18 सितंबर को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। नंदीग्राम सीट पर छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।

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