सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को कम किराये पर मिलेंगी दुकानें
छह स्थानों का सर्वे, नगर निगम और आवास विकास की संपत्तियों पर दुकानें देने की तैयारी; छह माह में आवंटन प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। प्रभावित व्यापारियों को कम किराये पर लंबी अवधि की लीज पर दुकानें उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। गुरुवार को सांसद अरुण गोविल, राज्यमंत्री एवं दक्षिण विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, महापौर हरिकांत अहलूवालिया और आवास विकास के अधिकारियों ने प्रस्तावित छह स्थानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान रंगोली मंडप के पास कम्युनिटी सेंटर, जागृति विहार गोल मार्केट और नई सड़क स्थित नगर निगम के नए कार्यालय के पीछे निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स समेत अन्य स्थानों को देखा गया। प्रस्तावित छह स्थानों में तीन नगर निगम और दो आवास विकास की संपत्तियां बताई गई हैं। प्रभावित करीब 650 व्यापारियों के पुनर्वास के लिए नीति तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सांसद अरुण गोविल ने कहा कि नगर निगम परिसर में भवन तैयार है और जल्द आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में समय लगा, लेकिन अब इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने बताया कि रंगोली मंडप के पास आवास विकास की सेक्टर-7 स्थित संपत्ति के कम्युनिटी सेंटर का टेंडर हो चुका है और स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य है कि करीब छह महीने में व्यापारियों को आवंटन पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। जागृति विहार गोल मार्केट और सेक्टर-4 के कम्युनिटी सेंटर को भी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना में दुकान मालिकों के साथ प्रभावित किरायेदार व्यापारियों को भी दुकान उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। दुकानों को न्यूनतम किराये पर लंबे समय की लीज पर देने, पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखने की बात कही गई है। आवंटन से पहले समिति बनाकर सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया के अनुसार नगर निगम की ओर से भी तीन कॉम्प्लेक्स पर काम किया जा रहा है। एक नगर निगम कॉम्प्लेक्स में करीब 72 दुकानें हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन अन्य कॉम्प्लेक्स में भी दुकानें उपलब्ध कराने की योजना है। कैंप ऑफिस के आसपास करीब 250 दुकानों का कॉम्प्लेक्स विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। इन दुकानों को प्रभावित व्यापारियों के लिए इस्तेमाल करने की संभावना है।
हालांकि, संयुक्त व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित स्थानों को लेकर अपनी आपत्तियां और चिंताएं भी जनप्रतिनिधियों के सामने रखीं। व्यापारियों की प्रमुख चिंताओं में दुकानों का आकार, किराया, व्यापार की संभावनाएं और ग्राहकों की पहुंच जैसे मुद्दे शामिल हैं।

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