यूपी में रैपिडो को मिला पांच साल का एग्रीगेटर लाइसेंस
बाइक, ऑटो, कैब और डिलीवरी सेवाओं को मिली आधिकारिक मंजूरी; 70 शहरों में रोजाना करीब तीन लाख राइड्स
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य परिवहन प्राधिकरण ने रैपिडो (रोपेन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) को उत्तर प्रदेश मोटर व्हीकल (एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विसेज प्रोवाइडर) नियम, 2026 के तहत एग्रीगेटर लाइसेंस जारी किया है। लाइसेंस पांच साल के लिए सितंबर 2031 तक वैध रहेगा।
लाइसेंस मिलने के बाद रैपिडो राज्यभर में नियमों के दायरे में बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा, कैब और डिलीवरी सेवाएं संचालित कर सकेगा। कंपनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश उसके प्रमुख बाजारों में शामिल है। वर्तमान में रैपिडो की सेवाएं प्रदेश के 70 शहरों में उपलब्ध हैं और प्रतिदिन करीब तीन लाख राइड्स पूरी की जा रही हैं।
एक लाख से अधिक ड्राइवर नेटवर्क से जुड़े
कंपनी के मुताबिक प्रदेश में उसके नेटवर्क से करीब एक लाख कैप्टन (ड्राइवर) जुड़े हैं। रैपिडो का कहना है कि बड़े शहरों के साथ छोटे और उभरते कस्बों में भी किफायती और तकनीक आधारित परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ रही है।
रैपिडो के को-फाउंडर पवन गुंटुपल्ली ने कहा कि लाइसेंस मिलने से कंपनी को प्रदेश में बाइक, ऑटो, कैब और डिलीवरी सेवाओं को एक साथ विस्तार देने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि नए नियमों के तहत मान्यता मिलने से ग्राहकों और कैप्टन के साथ भरोसा मजबूत होगा तथा सुविधाजनक और किफायती सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कंपनी के इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को बाइक टैक्सी, ऑटो और कैब के साथ डिलीवरी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। रैपिडो ने कहा कि वह प्रदेश के मोबिलिटी और डिलीवरी इकोसिस्टम में अपनी भूमिका का विस्तार करेगा।


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