डिजिटल फ्रॉड पर एयरटेल का ‘सेफ नेटवर्क’ वार, 98.4 अरब स्पैम कॉल्स ब्लॉक
एआई आधारित नेटवर्क सुरक्षा से ग्राहकों को मिल रही सुरक्षा, दो साल में स्पैम कॉल और एसएमएस के खिलाफ अभियान का विस्तार
मेरठ। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी के मामले भी लगातार जटिल हो रहे हैं। फर्जी बैंकिंग अनुरोध, ओटीपी फ्रॉड, निवेश ठगी, फिशिंग लिंक और पहचान की चोरी जैसे मामलों के बीच दूरसंचार कंपनियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसी दिशा में एयरटेल ने अपने एआई आधारित ‘सेफ नेटवर्क’ के जरिए 98.4 अरब स्पैम कॉल्स को ब्लॉक करने का दावा किया है।
कंपनी के अनुसार, सितंबर 2024 में एयरटेल ने भारत का पहला नेटवर्क आधारित एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन समाधान शुरू किया था। इसका उद्देश्य नेटवर्क स्तर पर स्पैम कॉल और एसएमएस की पहचान कर ग्राहकों को संभावित जोखिम से बचाना है।
एयरटेल ने पिछले दो वर्षों में इस पहल का विस्तार किया है। कंपनी के मुताबिक, इसका सिस्टम नेटवर्क इंटेलिजेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संयोजन से काम करता है और बैकग्राउंड में संभावित स्पैम की पहचान करता है। इससे ग्राहकों को किसी अतिरिक्त ऐप को इंस्टॉल करने या प्रत्येक संदिग्ध कॉल की मैन्युअल रिपोर्टिंग करने की आवश्यकता नहीं होती।
साइबर ठगी का बढ़ता दायरा
डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ा है। फर्जी कॉल और संदेशों के जरिए लोगों को बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण साझा करने के लिए बरगलाया जाता है।
एयरटेल का कहना है कि उसका ‘सेफ नेटवर्क’ इसी तरह के डिजिटल खतरों को नेटवर्क स्तर पर पहचानने और कम करने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी के अनुसार, यह पहल टेलीकॉम नेटवर्क की बदलती भूमिका को भी दर्शाती है, जहां कनेक्टिविटी के साथ ग्राहकों की डिजिटल सुरक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है।

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