मां का शव घर में था, बाहर से कार उठा ले गई आरटीओ टीम

कार में रखे रुपये और सामान भी ले जाने का आरोप, एआरटीओ ने कहा- आरोप निराधार; पुराने वाहनों की जब्ती पर उठे सवाल

मेरठ। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर पुराने वाहनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच परिवहन विभाग की टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं। छावनी क्षेत्र के रंजीतपुरी निवासी मनीष अग्रवाल का आरोप है कि 15 सितंबर को उनकी मां की मौत के दिन घर के बाहर खड़ी होंडा सिटी कार को परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम क्रेन से उठाकर ले गई। उनका कहना है कि कार में रुपये और घर का सामान रखा था, जो बाद में वापस नहीं मिला। वहीं, एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन ने इन आरोपों को निराधार बताया है।

मां की मौत के बीच उठा ले गए कार
मनीष अग्रवाल के मुताबिक, 15 सितंबर की सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मां की मौत हो गई थी। परिवार के लोग घर में शव के पास मौजूद थे। इसी दौरान बाहर खड़ी होंडा सिटी कार को परिवहन विभाग की टीम ले गई। उन्हें इसकी जानकारी बाद में हुई। मनीष ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि कार आरटीओ के अधिकारी ले गए हैं।

अगले दिन उठावनी के बाद वह संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरटीओ अनीता सिंह और एआरटीओ सुधांशु रंजन से मुलाकात कर वाहन छोड़ने के लिए पत्र दिया। आरोप है कि इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई।

रुपये और सामान भी वापस न करने का आरोप
मनीष का आरोप है कि कार की कीमत के साथ उसमें रखी धनराशि और सामान भी उन्हें वापस नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि वाहन उठाते समय परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी नहीं दी गई।

एआरटीओ बोले- वाहन में सामान होने की बात गलत
एआरटीओ प्रवर्तन सुधांशु रंजन ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान वाहन को दिखाया जाता है। उन्होंने कार में रुपये और सामान रखे होने की बात से भी इनकार किया। उनका कहना है कि यदि कोई वाहन गलती से जब्त हुआ है तो संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर उसे वापस लिया जा सकता है।

घर के बाहर खड़े पुराने वाहनों पर भी कार्रवाई
एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग कार्रवाई कर रहा है। विभाग के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है और इसके लिए शासन स्तर पर एसओपी निर्धारित है। अब सड़क पर चलते वाहनों के साथ घरों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहनों की भी लोकेशन के आधार पर जब्ती की जा रही है।

इस कार्रवाई को लेकर वाहन मालिकों में विरोध भी है। कुछ वाहन स्वामियों का कहना है कि उनके पुराने वाहन नियमित रूप से इस्तेमाल नहीं होते, जबकि कुछ ने इन्हें घर पर ही सुरक्षित रखा हुआ है। ऐसे में घर या परिसर के बाहर खड़े वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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