गंगा किनारे सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी जैव विविधता की पाठशाला

नमामि गंगे कराएगा शैक्षिक भ्रमण, 143 जलीय प्रजातियों से लेकर औषधीय पौधों और वन्यजीव संरक्षण की दी जाएगी जानकारी

मेरठ। निजी और कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों की तरह अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी गंगा किनारे प्रकृति और जैव विविधता को करीब से जान सकेंगे। जल शक्ति मंत्रालय के अधीन नमामि गंगे विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए गंगा किनारे शैक्षिक भ्रमण कराने की योजना तैयार की है। भ्रमण के दौरान बच्चों को गंगा की जैव विविधता, औषधीय पौधों और वन्यजीव संरक्षण की जानकारी दी जाएगी।

जिला परियोजना अधिकारी तुषार गुप्ता के अनुसार, शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रकृति और पर्यावरण को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देना है। गंगा किनारे पाए जाने वाले विभिन्न औषधीय पौधों के बारे में भी बच्चों को जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही वन्यजीव संरक्षण के महत्व और गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े विषयों से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा।

143 जलीय प्रजातियों से रूबरू होंगे विद्यार्थी

तुषार गुप्ता ने बताया कि गंगा में करीब 143 जलीय प्रजातियां मौजूद हैं। शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को इन प्रजातियों और गंगा की जैव विविधता के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

जल के औषधीय गुणों की भी दी जाएगी जानकारी

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को गंगा के जल से जुड़े पारंपरिक और औषधीय पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। नमामि गंगे विभाग का मानना है कि प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों में गंगा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकेगी।

जिला परियोजना अधिकारी के अनुसार, शैक्षिक भ्रमण की तिथि जल्द तय कर घोषित की जाएगी। इसके लिए स्कूलों और विद्यार्थियों को शामिल करने की प्रक्रिया भी तैयार की जा रही है।

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