शिक्षक एमएलसी की वोटर लिस्ट पर सपा का सवाल, 5 हजार से ज्यादा ‘फर्जी’ मतदाताओं का लगाया आरोप

प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने चुनाव आयोग को भेजा ज्ञापन; मेरठ में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की जांच की मांग, BLO के तबादलों पर भी उठाए सवाल

मेरठ। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी ने मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजकर मेरठ समेत कई स्थानों की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की है। पार्टी का दावा है कि मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में पांच हजार से अधिक ऐसे नाम शामिल हैं, जिन्हें सपा अपात्र या फर्जी मतदाता बता रही है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी मतदाता की पात्रता या नाम की वैधता का अंतिम निर्धारण संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही होगा। मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची छह जनवरी 2026 को प्रकाशित हुई थी और इसके बाद सतत अद्यतन की प्रक्रिया भी जारी रही है।

मेरठ की सूची पर सबसे ज्यादा आपत्ति

श्याम लाल पाल की ओर से भेजे गए पत्र में मेरठ शिक्षक एमएलसी के साथ मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा अमेठी की तिलोई विधानसभा, सहारनपुर, गौतमबुद्धनगर समेत अन्य क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी जांच की मांग की गई है।

सपा का कहना है कि मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों और अपात्र मतदाताओं की मौजूदगी की शिकायतों का सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया नियमों के अनुसार संचालित हो।

‘शिक्षक नहीं, फिर भी सूची में नाम’

सपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जो निर्धारित शैक्षिक एवं सेवा संबंधी पात्रता पूरी नहीं करते। पार्टी का दावा है कि कुछ नाम ऐसे लोगों के हैं जो शिक्षक के बजाय दुकान या अन्य व्यवसाय से जुड़े हैं।

सपा ने ऐसे सभी नामों के दस्तावेजों और शिक्षक के रूप में उनकी पात्रता का सत्यापन कराने की मांग की है। पार्टी के अनुसार जांच में यदि नाम अपात्र या डुप्लीकेट पाए जाते हैं तो उन्हें नियमानुसार सूची से हटाया जाना चाहिए।

BLO के तबादलों पर भी सवाल

सपा ने मेरठ की विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के तबादलों का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़ी संख्या में BLO का स्थानांतरण किया जा रहा है।

श्याम लाल पाल ने आयोग से यह भी जांच कराने की मांग की है कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक SIR प्रक्रिया में काम करने वाले BLO के तबादलों के पीछे क्या कारण रहे। सपा का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े काम में तैनात अधिकारियों की भूमिका और स्थानांतरण की प्रक्रिया भी पारदर्शी होनी चाहिए।

आयोग से जांच और कार्रवाई की मांग

सपा ने चुनाव आयोग से मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में लगाए गए आरोपों की जांच कराने और दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की है। पार्टी का कहना है कि डुप्लीकेट या अपात्र नाम मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उधर, मेरठ जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन तथा बाद के सतत अद्यतन की जानकारी सार्वजनिक की गई है। उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड में अलग-अलग चरणों में नाम जोड़ने, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया दर्ज है।

फिलहाल सपा के आरोपों पर निर्वाचन अधिकारियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

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