शिक्षक एमएलसी चुनाव का बिगुल बजा, पहले दिन 11 ने खरीदे नामांकन पत्र

मेरठ खंड शिक्षक और स्नातक सीट पर नामांकन प्रक्रिया शुरू, 6 अक्टूबर तक दाखिल होंगे पर्चे; 23 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना

मेरठ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। कमिश्नरी परिसर में सुबह से सुरक्षा और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रही। पहले दिन दोनों सीटों के लिए कुल 11 संभावित प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदे।

नामांकन प्रक्रिया दोपहर 11 बजे शुरू हुई। प्रशासन ने नामांकन कक्ष की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की है और परिसर में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक रखी गयी। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था तय की गई है।



स्नातक सीट पर पांच ने खरीदा पर्चा

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए प्रदीप कुमार उर्फ आचार्य, मीनू जैन, कांग्रेस के विक्रांत त्यागी, भाजपा के मौजूदा एमएलसी दिनेश गोयल और राहुल कुशवाह ने नामांकन पत्र खरीदा।

शिक्षक सीट पर छह दावेदार

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. सुशील कुमार पुंडीर, भाजपा के श्रीचंद शर्मा, अंशुल शर्मा, कांग्रेस के बाकर हुसैन, समाजवादी पार्टी के नितिन कुमार तोमर और निर्दलीय सुशील चौधरी ने नामांकन पत्र लिए।

6 अक्टूबर तक नामांकन

निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि प्रत्याशी 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होगी।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना

दोनों विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और इसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख रिजर्व रखी गई है।

48 साल तक शिक्षक सीट पर रहा ओमप्रकाश शर्मा का दबदबा

मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा का लंबा प्रभाव रहा है। माध्यमिक शिक्षक संघ के शर्मा गुट के प्रत्याशी के रूप में वे लगातार 8 बार यानी करीब 48 वर्षों तक एमएलसी चुने गए।

वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने ओमप्रकाश शर्मा को हराकर लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक समीकरण को बदल दिया था। इस बार शिक्षक राजनीति के दो प्रमुख चेहरे ओमप्रकाश शर्मा और हेम सिंह पुंडीर चुनाव मैदान में नहीं होंगे, जिससे मुकाबले के समीकरण भी अलग नजर आएंगे।

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