तकनीकी दक्षता और डिजिटल साक्षरता शिक्षकों के लिए जरूरी : कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला
मेरठ, 14 अगस्त। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी (सीआईईटी), एनसीईआरटी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का विषय ‘शिक्षकों, शिक्षक-प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकियां’ रहा।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. गौरव राव ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा आनंददायी अधिगम पर विचार रखे। उन्होंने कहूट, फेट, पैडलैट, कैनवा और आभासी प्रयोगशालाओं सहित विभिन्न डिजिटल संसाधनों के शैक्षिक उपयोग की जानकारी दी।
दूसरे सत्र में सीआईईटी, एनसीईआरटी की डॉ. उपासना रे ने मीडिया अनुसंधान के विभिन्न आयामों पर चर्चा की और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से अनुसंधान में मीडिया के प्रभावी उपयोग को समझाया। तीसरे सत्र में डॉ. राजेश डी. ने साइबर सुरक्षा एवं संरक्षा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ई-मेल फिशिंग, डीपफेक, सोशल इंजीनियरिंग और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार पर जोर दिया।
चौथे सत्र में प्रतिभागियों का पोस्ट टेस्ट आयोजित किया गया, जिसके माध्यम से तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं अधिगम परिणामों का मूल्यांकन किया गया। समापन सत्र में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. अरुण कुमार ने तीनों दिनों की शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
तकनीक का जिम्मेदारी से करें उपयोग : कुलपति
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों के लिए तकनीकी दक्षता और डिजिटल साक्षरता बेहद जरूरी है। शिक्षकों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती तकनीकों का जिम्मेदारी और प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए, ताकि शिक्षण अधिक नवाचारी, समावेशी और शिक्षार्थी-केंद्रित बनाया जा सके। उन्होंने शिक्षा विभाग और सीआईईटी, एनसीईआरटी को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में प्रो. राकेश कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष, शिक्षा विभाग, प्रो. अरुण कुमार, डॉ. वैभव शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का समापन हुआ।


No comments:
Post a Comment