स्वतंत्रता दिवस पर मदरसा जामिया मदनिय्या में शान से फहराया तिरंगा, देश की एकता और भाईचारे का दिया संदेश
मेरठ। 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हापुड़ रोड स्थित मदरसा जामिया मदनिय्या में देशभक्ति और भाईचारे से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मदरसे के प्रधानाचार्य मौलाना क़ारी शफ़ीक़ुर्रहमान क़ासमी, ख़तीब शाही ईदगाह व शाही जामा मस्जिद मेरठ, डॉ. जर्रार अहमद रिज़वी अलीगढ़ सहित अन्य गणमान्य लोगों ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्र की एकता, अखंडता, शांति और तरक्की के लिए संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मौलाना क़ारी शफ़ीक़ुर्रहमान क़ासमी ने कहा कि देश की आज़ादी किसी एक धर्म, जाति, समुदाय या क्षेत्र के लोगों की कुर्बानी का नतीजा नहीं है, बल्कि भारत के अलग-अलग धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोगों ने एक भारतीय के रूप में कंधे से कंधा मिलाकर आज़ादी की लड़ाई लड़ी और कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन तमाम स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की कुर्बानियों को याद करने का अवसर देता है, जिनकी वजह से आज हम आज़ाद वातावरण में सांस ले रहे हैं। आज़ादी हमें अपने विचार व्यक्त करने, अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर अमल करने तथा सम्मान के साथ जीवन गुजारने का अधिकार देती है।
क़ारी शफ़ीक़ुर्रहमान क़ासमी ने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि भारत दुनिया में और मजबूत बने, आर्थिक और शैक्षिक रूप से तरक्की करे और एक बड़ी ताकत के रूप में सामने आए तो इसके लिए सबसे जरूरी चीज़ आपसी एकता और भाईचारा है। हमें धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर एक-दूसरे से दूर होने के बजाय एक-दूसरे का सहारा बनना होगा। देश तभी मजबूत होगा जब देश का हर नागरिक खुद को इस मुल्क का बराबर का हिस्सा समझे और दूसरे नागरिक के सुख-दुख में उसके साथ खड़ा हो।
डॉ. जर्रार अहमद रिज़वी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की तरक्की की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की है। शिक्षा, सामाजिक सेवा, आपसी सहयोग और भाईचारे के जरिए हम भारत को और बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज़ादी की असली खूबसूरती तभी कायम रह सकती है जब देश में अमन, समानता और आपसी सम्मान का माहौल मजबूत हो।
क़ाज़ी मुहम्मद हस्सान क़ासमी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें केवल तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि यह हमें अपने देश के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास भी कराता है। देश की एकता और अखंडता की हिफाज़त करना तथा समाज में मोहब्बत और भाईचारा बढ़ाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ी को ऐसा भारत देना है, जहां हर बच्चा शिक्षा हासिल कर सके और हर नागरिक सम्मान के साथ जीवन गुजार सके।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मदरसा जामिया मदनिय्या के नाज़िम क़ारी मुहम्मद अफ़्फ़ान क़ासमी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस किसी एक धर्म या समुदाय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व है। यह हर भारतीय का दिन है और इसे देश के हर नागरिक को आपसी मोहब्बत और भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी की हिफाज़त और देश की तरक्की के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और आपसी एकता में है। सभी धर्मों और समुदायों के लोग जब मिलकर देश के विकास में योगदान देंगे, तभी भारत और अधिक मजबूत और खुशहाल बनेगा।
कार्यक्रम में नाज़िम सैफ़ी, मुफ्ती अख़लाक़ नदवी, मौलाना अली रज़ा क़ासमी, सय्यद तंजीम नदवी, क़ारी तौसीफ़ , हाजी इक़बाल सैफ़ी, फ़हीम सैफ़ी, शाकिर सैफ़ी, मौलाना इमामुद्दीन, मुफ्ती अकील सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और मदरसे के शिक्षक व छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम में आए सभी मेहमानों को गुलदस्ते भेंट कर सम्मानित किया गया।
अंत में क़ारी मुहम्मद अफ़्फ़ान क़ासमी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, छात्रों और उपस्थित लोगों का शुक्रिया अदा किया तथा देश की शांति, एकता, अखंडता और तरक्की के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।


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