स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति और विकसित भारत के संकल्प से गूंजा सीसीएसयू परिसर
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया ध्वजारोहण, विद्यार्थियों की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मेरठ, 15 अगस्त। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को भव्य एवं गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ पूरा विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
अपने संबोधन में कुलपति ने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत के विश्वास, गौरव, एकता और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस हमें उन ज्ञात-अज्ञात सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करने का अवसर देता है, जिनके बलिदान से देश को आजादी मिली।
प्रो. शुक्ला ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का बोध नहीं कराती, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी का भी एहसास कराती है। युवाओं को अपने ज्ञान, प्रतिभा, कौशल और कर्म को राष्ट्रहित से जोड़ते हुए विकसित भारत@2047 के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत आज ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और मानवता के कल्याण के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्रस्तुत कर रहा है। जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी चुनौतियां पूरी मानवता के सामने हैं। ऐसे में युवाओं को केवल वैश्विक अवसरों के लिए तैयार होने के बजाय वैश्विक समस्याओं के समाधान में भी भागीदार बनना होगा।
कुलपति ने विद्यार्थियों से कहा कि “विचारों को संकल्प में, संकल्प को परिश्रम में और परिश्रम को उपलब्धि में बदलना ही सफलता का वास्तविक मार्ग है।” उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सीसीएसयू की उपलब्धियों का किया उल्लेख
कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के ग्रामीण विकास, किसान कल्याण, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता के आदर्शों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय को NAAC का A++ ग्रेड मिलना गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता का प्रतीक बनना है। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाकर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को वैश्विक स्तर के शैक्षणिक और शोध अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही समाज और राष्ट्र अग्रणी होंगे, जो आधुनिक प्रौद्योगिकी और AI का उपयोग मानवता के कल्याण के लिए करेंगे। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। लॉ की छात्रा ने “ऐ मेरे वतन के लोगों” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर माहौल को भावुक कर दिया। वहीं फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
समापन अवसर पर कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार से शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार और प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा—
“हम ज्ञान को अनुसंधान से जोड़ेंगे,
अनुसंधान को नवाचार से जोड़ेंगे,
नवाचार को समाज से जोड़ेंगे
और समाज को विकसित भारत के महान राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ेंगे।”
उन्होंने कहा कि यही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और स्वतंत्र भारत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का समापन “जय हिन्द! जय भारत! भारत माता की जय!” के उद्घोष के साथ हुआ।



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