टीएमसी को बड़ी कानूनी राहत की उम्मीद, बैंक खातों पर ईडी की रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को अपने बैंक खातों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा फ्रीज किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को टीएमसी और उसकी राज्यसभा सदस्य डोला सेन की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में मनी लॉन्ड्रिंग की कथित जांच के सिलसिले में पार्टी के तीन बैंक खातों पर ईडी द्वारा लगाई गई डेबिट रोक को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कॉज-लिस्ट के अनुसार, स्पेशल लीव पिटिशन पर न्यायमूर्ति एमएम सुंदेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ सुनवाई करेगी। याचिका में कलकत्ता हाई कोर्ट के 20 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17(1-ए) के तहत की थी।

तीन एचडीएफसी खातों पर लगी है रोक

मामला टीएमसी के तीन एचडीएफसी बैंक खातों से जुड़ा है। ईडी ने इन खातों से डेबिट पर रोक लगाई थी। यह कार्रवाई 23 जून को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर ईसीआईआर दर्ज किए जाने के बाद हुई।

कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ताओं के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला या सुविधा का संतुलन दिखाई नहीं देता। अदालत ने कहा था कि खातों में हुए लेन-देन की वैधता का निर्धारण अंतरिम चरण में नहीं किया जा सकता।

36 अन्य खातों में 164 करोड़ से अधिक की राशि

हाई कोर्ट के मुताबिक, ईडी ने टीएमसी के बैंक खातों का विश्लेषण किया था और केयरवेल ग्रुप समेत विभिन्न संस्थाओं को बड़ी रकम के ट्रांसफर का पता लगाया था। अदालत ने कहा कि इन लेन-देन की वैधता की जांच उचित प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए।

हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि ईडी ने पार्टी के केवल छह बैंक खाते फ्रीज किए हैं, जबकि 36 अन्य खातों का संचालन जारी है। इन खातों में 164 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा होने की बात अदालत के आदेश में सामने आई थी।

ईडी ने संदिग्ध लेन-देन का लगाया आरोप

ईडी के अनुसार, जांच के दौरान करीब 164 करोड़ रुपये के कथित संदिग्ध लेन-देन का पता चला। इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस के अनुरोध पर बैंक ने भी संबंधित खातों से डेबिट पर रोक लगाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इन खातों के जरिए गैरकानूनी गतिविधियों से प्राप्त धन का लेन-देन किया गया।

शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

टीएमसी ने कार्रवाई को बताया मनमाना

टीएमसी का आरोप है कि बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई मनमानी तरीके से की गई और इसमें अपराध से प्राप्त किसी विशिष्ट रकम की पहचान कर उसे अलग नहीं किया गया। पार्टी ने इसे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उसके खिलाफ दबाव बनाने की कार्रवाई का हिस्सा बताया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजर है। अदालत यह देखेगी कि ईडी की कार्रवाई और खातों पर लगाई गई रोक के मामले में टीएमसी को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए या नहीं।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts