कांवड़ सेवा शिविरों में पहुंचे विनीत अग्रवाल शारदा, बोले- ‘कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व’
शुभ भारती पुलिस चौकी के सामने चतुर्थ विशाल कांवड़ सेवा शिविर का किया उद्घाटन, कांवड़ियों का पुष्पवर्षा और अंगवस्त्र से किया स्वागत
मेरठ। श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने गुरुवार को मेरठ के विभिन्न कांवड़ सेवा शिविरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिवभक्त कांवड़ियों का पुष्पवर्षा और अंगवस्त्र से स्वागत किया। जगह-जगह ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच उन्होंने कांवड़ियों की सेवा में सहभागिता की।
विनीत अग्रवाल शारदा ने वेदव्यासपुरी स्थित शुभ भारती पुलिस चौकी के सामने आयोजित चतुर्थ विशाल कांवड़ सेवा शिविर का मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन किया। शिविर का आयोजन राजू शर्मा, पवन शर्मा, सुधीर चौहान, मोनू कुमार, अनिल यादव और सागर राज के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। शिविर में शिवभक्तों के लिए भोजन, जलपान, चिकित्सा, विश्राम सहित विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
‘कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं’
उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का विराट जनआंदोलन है। हरिद्वार और गंगोत्री से गंगाजल लेकर लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने निकलते हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव, श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा भारत की सनातन चेतना की आधारशिला है और यही विरासत देश को एक सूत्र में बांधने का काम करती है।
मोदी-योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना
भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में लोगों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपराओं पर गर्व करना सीखा है। वहीं उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर व्यवस्थाओं का नया स्वरूप मिला है।
उन्होंने कहा कि आज शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की जाती है, सेवा शिविरों में उनका सम्मानपूर्वक स्वागत होता है और प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देता है।
विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के सम्मान को लेकर शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन आज का वातावरण आस्था, सेवा और सुशासन का संदेश दे रहा है। उन्होंने इसे सनातन परंपराओं के प्रति बदले दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।
‘कांवड़ियों की सेवा भगवान शिव की सेवा’
उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सेवा करना भगवान भोलेनाथ की सेवा के समान है और यही भारतीय संस्कृति का मूल संस्कार है। जब समाज भगवान शिव की भक्ति, श्रीराम के आदर्श और श्रीकृष्ण के धर्म संदेश को जीवन में उतारता है तो राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना और अधिक मजबूत होती है।
उन्होंने सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और सेवा शिविर संचालकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि श्रावण मास का यह महापर्व सनातन संस्कृति की अखंड चेतना, सामाजिक एकता और राष्ट्रगौरव का उत्सव है।


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