संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
मेरठ। मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के संयुक्त तत्वावधान में ‘कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी: एडवांस एप्लीकेशन ऑन एंजाइटी, डिप्रेशन एंड ओसीडी’ विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के उन्नत और व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना रहा।
उद्घाटन सत्र में एम्स नई दिल्ली के नैदानिक मनोवैज्ञानिक प्रो. गौरीशंकर कालोलिया और एसजीटी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद के प्रशिक्षक एवं संकाय सदस्य डॉ. अभिषेक बंगा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने कहा कि संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा मनोवैज्ञानिकों के लिए प्रभावी मनोचिकित्सकीय विधियों में से एक है। किसी मनोवैज्ञानिक की दक्षता और व्यावसायिक क्षमता का आकलन उसके संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल के आधार पर भी किया जा सकता है। उन्होंने इसे मनोचिकित्सा की प्रमुख एवं आधारभूत विधियों में शामिल बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य मिशन इंडिया की निदेशक डॉ. शिल्पी राजपूत ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से प्रभावित हैं। बच्चों और युवाओं में भी ऐसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रशिक्षित और दक्ष मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि केवल स्वयं को मनोवैज्ञानिक घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक और प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक विधियों में व्यावहारिक दक्षता हासिल करना जरूरी है। उन्होंने संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के प्रशिक्षण को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में प्रो. गौरीशंकर कालोलिया और डॉ. अभिषेक बंगा ने चिंता, अवसाद और ओसीडी सहित विभिन्न मनोवैज्ञानिक समस्याओं में संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के उन्नत अनुप्रयोगों पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इस चिकित्सा पद्धति के माध्यम से व्यक्ति के नकारात्मक और विकृत विचारों की पहचान कर उन्हें अधिक सकारात्मक एवं यथार्थपरक विचारों में परिवर्तित करने में मदद की जा सकती है।
डॉ. अभिषेक बंगा ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया और उनके सवालों का समाधान भी किया। कार्यशाला में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से मनोविज्ञान एवं मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का संचालन इंटर्न सुमैया खान ने किया। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक प्रिया पाल, शिवानी शर्मा, शिखा, निशा, शिवांश और सागर तोमर सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।


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