अंकिता भंडारी के माता-पिता से राहुल गांधी की मुलाकात
45 मिनट अकेले में की बात; बोले- ‘न्याय का इंतजार अब भी बाकी’
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से दिल्ली में मुलाकात की। यह मुलाकात दो दिन पहले हुई थी, जिसकी जानकारी राहुल गांधी और कांग्रेस ने 15 अगस्त को सोशल मीडिया के जरिए साझा की। बताया गया कि राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से करीब 45 मिनट तक अकेले में बातचीत की और उन्हें हरसंभव कानूनी मदद का भरोसा दिलाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अंकिता के परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि घटना को चार साल बीत जाने के बावजूद परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने अंकिता की मौत को लेकर उत्तराखंड की तत्कालीन परिस्थितियों और कथित ‘VIP’ एंगल पर भी सवाल उठाए।
‘अंकिता को आज भी न्याय का इंतजार’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं और कथित तौर पर एक ‘VIP’ मेहमान की अनुचित मांग का विरोध करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने रिजॉर्ट के उस कमरे को घटना की जांच से पहले ध्वस्त किए जाने को भी सवालों के घेरे में बताया।
राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में राजनीतिक संरक्षण की मानसिकता समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय मिलेगा।
45 मिनट तक अकेले में हुई बातचीत
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक, राहुल गांधी ने अंकिता के माता-पिता से करीब 45 मिनट तक अकेले में बातचीत की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान कांग्रेस के अन्य नेता बाहर मौजूद थे।
गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी ने परिवार को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
जून में किया था मिलने का वादा
दरअसल, राहुल गांधी 6 जून 2026 को उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे थे। उनका पौड़ी गढ़वाल जाने का कार्यक्रम भी था, जहां अंकिता के माता-पिता से मुलाकात प्रस्तावित थी। खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और वह पौड़ी नहीं पहुंच सके।
इसी दौरान गणेश गोदियाल ने फोन पर अंकिता के माता-पिता की राहुल गांधी से बातचीत कराई थी। बताया गया कि राहुल गांधी ने उस समय परिवार से कहा था कि वे जब चाहें दिल्ली आकर उनसे मिल सकते हैं। इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी यमकेश्वर क्षेत्र के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्या और उसके दो कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया था। बाद में अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अंकिता हत्याकांड समय-समय पर राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनता रहा है। हाल में सामने आए एक कथित ऑडियो के बाद मामला फिर चर्चा में आया और मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठे हैं। कांग्रेस लगातार कथित ‘VIP’ की पहचान सामने लाने और परिवार को न्याय दिलाने की मांग करती रही है।


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