मेरठ कैंट में भवन निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार, स्टिल्ट पार्किंग-बेसमेंट की राह होगी आसान
मेरठ। कैंट क्षेत्र के निवासियों और संपत्ति मालिकों के लिए राहत की खबर है। रक्षा मंत्रालय ने ‘मेरठ कैंट भवन निर्माण उपविधि-2026’ को लेकर ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी है। कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जाकिर हुसैन ने इसकी आधिकारिक सूचना जारी करते हुए आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित उपविधि लागू होने के बाद कैंट क्षेत्र में आधुनिक भवन निर्माण, बेहतर पार्किंग और नियोजित विकास का रास्ता साफ हो सकता है।
नई व्यवस्था में कैंट क्षेत्र में आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों के साथ अपार्टमेंट और आधुनिक परिसरों के निर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भवनों में बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग की सुविधा की अनुमति मिलने से पार्किंग की समस्या कम होगी। ग्राउंड फ्लोर पर स्टिल्ट पार्किंग बनाकर उसके ऊपर आवासीय या व्यावसायिक निर्माण किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी प्रस्तावित उपविधि में प्रावधान किए गए हैं। 300 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले नए भवनों में सोलर एनर्जी सिस्टम और रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य किए जाने का प्रस्ताव है। इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ड्राफ्ट अधिसूचना जारी होने के बाद 30 दिनों के भीतर आम नागरिक रक्षा मंत्रालय या मेरठ कैंट बोर्ड कार्यालय में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रस्तावित उपविधि के स्वीकृत होने के बाद कैंट क्षेत्र में भवन निर्माण संबंधी नई सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।


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