2154 गर्भवतियों की जांच, 109 में मिली हाई रिस्क प्रेग्नेंसी
पीएमएसएमए अभियान में जटिल गर्भावस्था की समय पर पहचान, उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजी गईं महिलाएं
मेरठ। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 2154 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 109 महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में चिन्हित हुईं। जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं को बेहतर उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि अभियान का उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड, यूरिन और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जांच में जटिल गर्भावस्था के लक्षण मिलने पर 109 महिलाओं को आवश्यक उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजा गया।
दूसरी-तीसरी तिमाही की गर्भवतियों पर विशेष नजर
एनएचएम के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
जिला सलाहकार मातृ स्वास्थ्य इलमा अजीम ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही वाली महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। महिलाओं को परिवार नियोजन के संबंध में भी काउंसलिंग दी गई।
उन्होंने बताया कि जिले के 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर पीएमएसएमए की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और समय रहते जटिल गर्भावस्था की पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।


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