मेरठ में नकली खेल सामग्री का बड़ा रैकेट बेनकाब
निविया-कोस्को के नाम पर बन रही थीं फुटबॉल-वॉलीबॉल, 10 लाख का माल और 44 हजार से अधिक होलोग्राम जब्त
मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के फूलबाग कॉलोनी में ब्रांडेड कंपनियों निविया और कोस्को के नाम पर नकली फुटबॉल और वॉलीबॉल तैयार करने वाली फैक्ट्री पर पुलिस और ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 10 लाख रुपये का नकली माल बरामद किया। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक बिशन लाल को हिरासत में लेकर कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कंपनी के प्रतिनिधि धीरेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिशन एंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री पर छापा मारा गया। मौके से तैयार खेल सामग्री के अलावा बड़ी मात्रा में कच्चा माल और ब्रांडेड कंपनियों के होलोग्राम बरामद किए गए।
जांच के दौरान फैक्ट्री में शीट कटिंग की कई मशीनें संचालित मिलीं। यहां निविया और कोस्को के नाम से फुटबॉल एवं वॉलीबॉल के पैनल तैयार किए जा रहे थे। इन पैनलों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सिलाई का कार्य करने वालों के पास भेजा जाता था, जहां तैयार गेंदों की पैकिंग कर उन्हें बाजार में ब्रांडेड उत्पाद के रूप में बेचा जाता था।
छापे में 450 नकली निविया वॉलीबॉल, 315 नकली कोस्को फुटबॉल, 9,600 निविया होलोग्राम, 35,000 कोस्को होलोग्राम, 660 निविया वॉलीबॉल शीट कटिंग तथा 1,550 कोस्को फुटबॉल शीट कटिंग बरामद की गई।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार नकली उत्पादों को असली ब्रांड के नाम पर कम कीमत में बेचकर उपभोक्ताओं और अधिकृत कारोबारियों दोनों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। जिस फुटबॉल की वास्तविक कीमत करीब 1,500 रुपये है, उसे नकली रूप में लगभग 550 रुपये में बाजार में बेचा जा रहा था।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री से तैयार माल उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश तक सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर नौचंदी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि गुरुग्राम स्थित कंपनी की तहरीर पर फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद सभी सामान को सील कर कब्जे में ले लिया गया है।


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