मां और शिशु की सुरक्षा पर फोकस, 2056 गर्भवतियों की जांच में 137 हाई रिस्क

पीएमएसएमए दिवस पर स्वास्थ्य विभाग ने चलाया विशेष अभियान, जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर कराया रेफर

मेरठ। जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान 2056 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 137 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में चिन्हित किया गया। जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं को बेहतर उपचार और चिकित्सकीय निगरानी के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि अभियान का उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जांच में 137 महिलाओं में जटिल गर्भावस्था के लक्षण पाए गए, जिन्हें आवश्यक उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजा गया।

एनएचएम के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि योजना के माध्यम से पात्र गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता समेत आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।

जिला सलाहकार मातृ स्वास्थ्य इलमा अजीम ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर विशेष रूप से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही वाली महिलाओं पर फोकस किया जाता है, ताकि हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित किया जा सके। अभियान के दौरान महिलाओं को परिवार नियोजन के संबंध में भी काउंसलिंग दी गई।

उन्होंने बताया कि जिले में अब 76 स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को पीएमएसएमए की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और समय रहते जटिल गर्भावस्था की पहचान कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना है।


No comments:

Post a Comment

Popular Posts