जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में मेरठ में उबाल, छात्रों ने निकाली शिक्षा मंत्री की सांकेतिक अर्थी
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, सपा नेताओं ने भी प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
मेरठ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को मेरठ में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन हुए। मेरठ कॉलेज के छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की सांकेतिक अर्थी निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। वहीं, सेंट्रल बार एसोसिएशन ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सेंट्रल बार एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और क्रमिक अनशन कर रहे छात्रों व अन्य आंदोलनकारियों के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत व्यवहार किया गया। एसोसिएशन ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के साथ मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषी अधिकारियों व अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रदर्शनकारियों को घेरने, वाहनों में पत्थर भरकर लाने और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास किया गया। साथ ही बिना स्पष्ट पहचान वाले वर्दीधारियों की तैनाती पर भी सवाल उठाए गए। एसोसिएशन ने घायल प्रदर्शनकारियों को उचित उपचार व मुआवजा देने तथा आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की। राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।
नीट पेपर लीक के विरोध में सपा का प्रदर्शन
उधर, नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी नेताओं के नेतृत्व में भी प्रदर्शन किया गया। सपा नेता प्रदीप कसाना और जाहिद त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं व छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनकी सांकेतिक शवयात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और उनके साथ दमनकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने और उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदीप कसाना ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों के खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब छात्र और युवा अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से सवाल करते हैं तो उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाता है। छात्र, नौजवान, किसान और व्यापारी समेत समाज का हर वर्ग परेशान है। सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आगे भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन में इशू पूठा, हैप्पी, इमरान, घोली गुर्जर समेत कई लोग मौजूद रहे।



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