कांवड़ यात्रा-2026:
1534 कैमरों और 23 ड्रोन से होगी निगरानी
228 किमी कांवड़ मार्ग पर 18 क्यूआरटी, 9 अस्थायी चौकियां और 35 गोताखोर रहेंगे तैनात
मेरठ। श्रावण महाशिवरात्रि एवं कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा एवं प्रबंधन योजना तैयार की है। यात्रा मार्ग, शिवालयों, मेला स्थलों, यातायात व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जनपद में कुल सात प्रमुख कांवड़ मार्ग चिह्नित किए गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 228 किलोमीटर है। इसके अलावा 776 शिवालयों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जलाभिषेक के लिए 13 प्रमुख मंदिरों और तीन श्रावण मेला स्थलों पर विशेष पुलिस एवं यातायात प्रबंधन रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिले को छह सुपर जोन, 24 जोन, 68 सेक्टर और 44 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक एक किलोमीटर पर एक सब-सेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा एक अस्थायी थाना, नौ अस्थायी पुलिस चौकियां, 78 पुलिस पिकेट और 26 बैरियर स्थापित किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 18 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात रहेंगी।
यात्रा की निगरानी के लिए पांच सीसीटीवी कंट्रोल रूम, तीन वायरलेस कंट्रोल रूम स्टेशन और 12 वायरलेस सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं। पूरे जिले में 1534 कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी, जिनमें 1270 सीसीटीवी और 234 आईपी कैमरे शामिल हैं। 17 महत्वपूर्ण स्थानों की लाइव फीड उच्च अधिकारियों तक उपलब्ध रहेगी। हवाई निगरानी के लिए पुलिस के तीन और किराये के 20 सहित कुल 23 ड्रोन लगाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 205 सीयूजी मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 136 चारपहिया कांवड़ मोबाइल वाहन और 110 दोपहिया पुलिस दस्ता तैनात रहेगा। भीड़ प्रबंधन के लिए तीन वॉच टावर बनाए गए हैं, जबकि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए 480 डिजिटल वालंटियर सक्रिय किए गए हैं।
गंगा घाटों और अन्य जल क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर 35 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। वहीं बचाव एवं निगरानी कार्य के लिए 12 नावों की व्यवस्था भी की गई है।


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