एआई इंसान की जगह नहीं ले सकता: सुभाष घई
मुंबई । बॉलीवुड के सीनियर फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई ने एक बार फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर अपने विचार शेयर किए। इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई लोगों के कई काम आसान कर देगा, लेकिन असली सफलता उन्हीं लोगों को मिलेगी, जो अपनी क्रिएटिविटी और इमोशनल इंटेलिजेंस को जीवित रखेंगे।
सुभाष घई ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ''एआई भविष्य में लोगों के अधिकतर मानसिक और बौद्धिक कार्यों को संभाल सकता है, लेकिन वह इंसान के भीतर मौजूद मानवीय गुणों की जगह नहीं ले सकता। भविष्य उन्हीं लोगों का होगा जो अपने भीतर की क्रिएटिविटी को लगातार मजबूत करते रहेंगे। म्यूजिक, पोएट्री, पेंटिंग, कम्युनिकेशन, कोलेबोरेशन और क्रिटिकल थिंकिंग जैसे गुण इंसानों को मशीनों से अलग बनाते हैं।''
सुभाष घई ने आगे कहा, ''एआई से केवल जानकारी हासिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि उस जानकारी को भावनाओं और रचनात्मकता के साथ जोड़ना भी जरूरी है। जब कोई व्यक्ति कला, साहित्य और मानवीय मूल्यों से जुड़ा रहता है, तभी वह समाज के लिए बेहतर योगदान दे सकता है और दूसरों की मदद करने की भावना विकसित कर सकता है।''


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