स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को फिर जमा करनी होगी सिक्योरिटी मनी

- पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद चार किस्तों में वसूली की तैयारी

जिले के करीब  लाख उपभोक्ता होंगे प्रभावित

 मेरठ।  जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदले जाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं को दोबारा सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। बिजली विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले के लगभग सवा लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल में यह राशि चार समान किस्तों में जोड़कर भेजी जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।

 मुख्य अभियंता रजनी कांत मिश्रा  ने बताया कि जब स्मार्ट प्रीपेड व्यवस्था लागू की गई थी, उस समय उपभोक्ताओं की पूर्व में जमा सिक्योरिटी मनी को उनके बिजली बिल में समायोजित कर दिया गया था। अब पोस्टपेड प्रणाली लागू होने के बाद नियमानुसार उपभोक्ताओं से पुनः सुरक्षा धनराशि जमा कराना आवश्यक हो गया है। इसी के तहत नई व्यवस्था लागू की जा रही है।

विभाग द्वारा तय दरों के अनुसार ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं से 200 तथा शहरी घरेलू उपभोक्ताओं से 300 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी मनी ली जाएगी। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए यह राशि 2000 रुपये प्रति किलोवाट निर्धारित की गई है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं की बिजली खपत और कनेक्शन क्षमता के आधार पर राशि निर्धारित होगी।

उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से सिक्योरिटी मनी को चार बराबर किस्तों में बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा। इसकी सूचना मोबाइल संदेश और फिजिकल बिजली बिल के माध्यम से दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और उपभोक्ताओं को नियमित भुगतान प्रणाली में सुविधा मिलेगी।

हालांकि, इस निर्णय के बाद कई उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पहले जमा की गई सिक्योरिटी राशि के बाद दोबारा पैसा लेना उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालने जैसा है। वहीं विभाग का तर्क है कि पोस्टपेड व्यवस्था में सुरक्षा धनराशि लेना विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुरूप है।

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