लंबे समय बाद हंगामे के बीच मेडा ने किया अपनी जमीन पर कब्जा 

पिछले महीने भी लोहियानगर क्षेत्र गई थी टीम, विरोध के बाद खाली हाथ लौटी थी वापस

 मेरठ। मेडा के लिए गुरूवार को उस समय बड़ी राहत मिली। जब  लोहिया नगर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे मेडा  और किसानों के बीच जमीन के कब्जे को लेकर विवाद में  मेडा  की टीम ने जाकर कब्जा ले लिया। इस दौरान किसानों ने टीम का जमकर विरोध भी किया लेकिन पुलिसकर्मियों द्वारा व्यवस्था बनाकर टीम को कब्जा दिलवाया गया। इससे सोबहरागेट बस डिपो के लिए राह आसान हो गयी है। 

गुरुवार को जब एमडीए की टीम गाजीपुर क्षेत्र में कब्जा लेने पहुंचे तो किसानों ने एकत्रित होकर शुरुआत में टीम को रोक दिया। किसानों ने जय जवान जय किसान और एमडीए के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले उनका पूरा मुआवजा और प्लॉट आवंटन देना था उसके बाद ही कब्जा लेना था इस प्रकार का रवैया एक तानाशाही को दर्शाता है।

 बुलडोजर के आगे खडी हुई महिलाएं 

टीम की कार्रवाई को रोकने के लिए महिलांए भी सामने आई और लोग अपनी जमीन और फसल को बचाने के लिए बुलडोजर के आगे खड़े हो गए।इसके बाद भी कार्रवाई जारी रही। मेडा द्वारा उक्त जमीन में उगाई गई फसल का मुआवजा देने की बात भी कही गई।

 बोले किसान संघर्ष जारी रहेगा

हंगामे के दौरान मौजूद सपा नेता गौरव गुर्जर काजीपुर ने टीम का विरोध भी किया। कब्जा कार्रवाई के बाद भी उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकरण पर उनका संघर्ष जारी रहेगा। वह जल्द ही अपनी एक समिति इस मामले में गठित कर एमडीए के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एक बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं किसानों का कहना है कि पूरे प्रकरण में कई बार वार्ता भी हुई थी लेकिन हर बार विफल रही इसके बाद टीम ने आज जबरदस्ती कार्रवाई कर दी।

किसानों ने मेडा की टीम के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2011 में पास होने के बाद 2015 में लागू की गई योजना के तहत उन्हें मुआवजा और प्लाट दिया जाना था। हालांकि कुछ किसानों का आंशिक भुगतान मिला है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान अपने हक के वंचित है इसीलिए वह इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं।

काजीपुर, लोहियानगर, गंगानगर और वेदव्यास पुरी क्षेत्र के किसानों ने साफ तौर पर कहा था कि जब तक उनका बकाया मुआवजा और प्लॉट नहीं मिल जाता तब तक वह किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं देंगे लेकिन  गुरूवार को मेडा की टीम द्वारा कब्जा ले लिया गया।

वेदव्यासपुरी में जारी है अनिश्चितकालीन धरना

गंगानगर, लोहियानगर और वेदव्यासपुरी में एक ही योजना के तहत कार्य हुआ था। किसानों के अनुसार सभी जगह उनका पूरा मुआवजा और प्लॉट नहीं मिला है। इसी के विरोध में लगभग 1 साल से वेदव्यास पुरी में भी किसानों का अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है।

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