नोटिस का जवाब देने तारीख पास आते ही सैक्टर दो की महिलाए फिर धरने पर बैठी
धरने पर बैठी महिलाएं बोली लिखित आश्वासन के बाद भी धरना होगा समाप्त
मेरठ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद के नोटिस देने के बाद जैसे ही सीमा नजदीक आती जा रही है। वैसे ही सैक्टर दो ,तीन व चार की महिलाओं ने रणनीति बनानी आरंभ कर दी है। अभी तक सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में सेक्टर 4 में तीन दिन पहले महिलाओं का धरना प्रदर्शन शुरू हुआ था जो अभी तक चल रहा है। इसके बाद गुरुवार को सेक्टर 2 की महिलाओं का धरना फिर से तीसरी शुरू हो गया। यह धरना कुछ दिन पहले ही सांसद अरूण गोविल के आश्वासन पर स्थगित हुआ था। महिलाओं का कहना है कि हमें अपने मकान को बचाने के लिए कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है इसलिए हमने अपना धरना फिर से शुरू कर दिया है।
धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि सांसद अरुण गोविल हमारे बीच आए थे उन्होंने हमको आश्वासन दिया था इसलिए हमने उनका सम्मान रखते हुए धरना स्थगित किया था। हमें अपनी समस्या का कोई समाधान लिखित में नहीं मिला है, इसलिए हमने धरना फिर से शुरू कर दिया है। जब तक हमें समस्या का समाधान लिखित में नहीं मिलता तब तक इस बारी है जारी रहेगा।
पैरवी भी की लेकिन राहत नहीं
उन्होंने बताया कि सांसद अरुण गोविल ने उनके लिए वकील किया जिससे वह मिलने भी गए। लेकिन जो उन्होंने बताया था कि एक हफ्ते में आपको कोई अच्छी खबर अपने मकान के बचने के लिए मिलेगी वह हमें नहीं मिली है। महिलाओं का एक गुट सेक्टर चार में भी धरना प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें आज उनका तीसरा दिन है। उनका भी यही कहना है कि वह भी सेटबैक नहीं छोड़ेंगे।
गुटों में बटे व्यापारी
शास्त्रीनगर के जिन 815 भूखंड स्वामियों को नोटिस मिले हैं उनमें भी गुटबाजी देखी जा रही है। पहले जो धरना सेंट्रल मार्केट के मुख्य बाजार में चलता था जिसके खत्म होने के बाद फिर सेक्टर 2 में इसकी शुरुआत हुई। अब मंगलवार से सेक्टर 4 में यह धरना शुरू हुआ है जिसमें साफ तौर पर व्यापारियों की आपसी गुटबाजी देखी जा रही है। इसके साथ ही गुरूवार को तीसरी बार सेक्टर 2 में भी फिर से प्रदर्शन शुरू हो चुका है।
आवास विकास दे चुका है नोटिस
बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास विकास परिषद द्वारा सभी 815 भूखंडों को नोटिस दिए जा चुके हैं। जिसमें से 105 नोटिस आवास विकास ने डाक से भी भेजें। उपयुक्त आवास विकास अनिल कुमार के अनुसार कोई भी नोटिस उनके पास वापस नहीं आया है सभी नोटिस मालिकों द्वारा रिसीव कर लिए गए हैं। जिस दिन टीम नोटिस चस्पा करने पहुंची थी तो सेक्टर 2 में ही उनका विरोध हुआ था जिसके बाद स्थिति को देखते हुए कुछ नोटिस डाक से भेजे गए थे।
महिलाओं ने अपर आयुक्त व अधीक्षण अभियन्ता को घेरा
सैक्टर दो , तीन चार की महिलाएं गुरूवार की शाम को नारेबाजी करते हुए आवास विकास कार्यालय में पहुंची। वहां पर उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए सैट बैक न हटाने की बात कही। इस पर आवास विकास केअपर आयुक्त अनिल कुमार व अधीक्षण अभियंता राहुल यादव ने बताया यह मामला काफी पुराना है। हाईकोर्ट के बाद सुपीम कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट ने 865 ऐसे भूखंडाें को ध्वस्तीकरण् की कार्रवाई के आदेश दिए थे। उन्होंने महिलाओं को बताया कि आवास विकास ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए ऐसे मकानों को छोड़ने की बात की थी जो छोटे है। जिनका सैट बेक नहीं छोड़ा जा सकता है। लेकिन ने उनकी कोई बात नहीं सुनी । उन्होंने कहा है आवास विकास कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है। उसी के अनुसार नोटिस जारी किए गये है। अधीक्षण अभियंता ने कहा कोर्ट के आगे वह मजबूर है। उसके आदेश का पालन करना अनिवार्य है।
दोनो अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया जो उनको नोटिस मिले है। उनका जवाब जरूर दी। जिससे उनकी मदद की जा सके। आवास विकास परिषद पूरी तरह से उनके साथ है।



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