सीजीएसटी अधीक्षक रिश्वत लेते अरेस्ट
सीबीआई की टीम ने की छापेमारी, कंप्यूटर ऑपरेटर को भी किया गया गिरफ्तार; मुकदमा दर्ज
स्टूडियों के रिनोवेशन के लिए मांगी रिश्वत
मेरठ। सीजीएसटी कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में मेरठ में सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है। सीबीआई ने गुरुवार की सुबह मेरठ सीजीएसटी कार्यालय से सीजीएसटी अधीक्षक और उसके कंप्यूटर ऑपरेटर दोनों को अरेस्ट किया है। दोनों के ही खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।शिकायत है कि सीजीएसटी अधीक्षक और उनके कार्यालय में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर ने एक व्यक्ति से डॉक्यूमेंट अपलोड करने के मामले में पैसे मांगे थे। जिसकी शिकायत पीड़ित ने सीबीआई से की थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने कार्रवाई की।
सीबीआई ने 6 मई को आरोपी अधीक्षक, रेंज-1, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ शिकायतकर्ता को जारी कारण बताओ नोटिस रद्द करने के बदले में अधीक्षक की ओर से 6,000 रुपये की अवैध रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया। बुधवार रात ही सीबीआई ने अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों अरेस्ट करने के लिए पूरा जाल बिछाया।इसके बाद आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को मेरठ स्थित सीजीएसटी अधीक्षक की ओर से रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। दोनों आरोपियों, सीजीएसटी अधीक्षक और कंप्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
वेडिंग स्टूडियो के रिवोकेशन का था मामला
शिकायतकर्ता कंकरखेड़ा निवासी रोहित पाल का अपना वेडिंग स्टेडियो है। जिसका रिवलोकेशन होना था। उसी से जुड़ी विधिक प्रक्रिया को उसे पूरा करना था। इसी के कागज अपलोड करने के लिए यश शर्मा जो अधीक्षक संजय मीना का कंप्यूटर ऑपरेटर है उसने 6हजार रुपए की मांग की थी। इसके बाद रोहित ने इसकी शिकायत कर दी थी।
सबसे पहले जिस शिकायत पर एक्शन हुआ वो हूबहू पढ़िए
R P Wedding Studio (GSTIN: 09DJKPP3255A2Z5) के संचालक रोहित पाल ने Central Bureau of Investigation की एंटी करप्शन ब्रांच गाज़ियाबाद को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि CGST रेंज-1 मेरठ में तैनात कर्मचारियों द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की गई।
शिकायत के अनुसार, सुपरिटेंडेंट संजय मीना द्वारा 30 मार्च 2026 को उनके Revocation Application के संबंध में शो कॉज नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कुछ दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। रोहित पाल का कहना है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2026 को सभी आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर दिए और कई बार संबंधित कार्यालय में भी पहुंचे।
आरोप है कि इसी दौरान कार्यालय में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा ने मामले के निस्तारण के बदले 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह रिश्वत नहीं देना चाहते और उन्होंने मामले की शिकायत CBI से कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में जांच की मांग की गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में लिखा गया मुकदमा
पीड़ित रोहित पाल जो मेरठ कंकरखेड़ा का रहने वाला है उसने सीबीआई से मामले की शिकायत की थी। शिकायत के बाद सीबीआई गाजियाबाद की टीम मेरठ पहुंची और आरोपियों को अरेस्ट कर ले गई है। शिकायत के बाद सीबीआई टीम ने पूरे मामले में लगे आरोपों की सावधानीपूर्वक जांच कराई।
इस जांच में सीजीएसटी रेंज-1 के अधीक्षक संजय मीना और उनका सहयोगी कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा दोनों ही प्रथम द़ष्टया दोषी मिले हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधनियम 1918 (2018 में संशोधित) की धारा 7ए के अंतर्गत दंडनीय अपराध मानते हुए मुकदमा लिखा गया है। पूरे मामले की जांच सीबीआई एसीबी गाजियाबाद के निरीक्षक ऋषभ राज को दी गई है।
पीड़ित परेशान हूं, काम पर फोकस करना है
पीड़ित रोहित पाल ने बातचीत में बताया कि उनका रिवोकेशन का काम हो चुका था। लेकिन डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं हुए थे। केवल कागज अपलोड करने के नाम पर उनसे रिश्वत मांगी गई। बताया कि ये रिश्वत संजय मीना उनके कंप्यूटर ऑपरेटर यश शर्मा दोनों ने ही मांगी थी। मैं काफी समय से परेशान हो रहा था। धक्के खा रहा था लेकिन मेरा बहुत छोटा सा काम था जिसकी प्रक्रिया विभाग पूरी नहीं कर रहा था।
जब मुझसे पैसे की डिमांड हुई तब इसकी शिकायत सीबीआई गाजियाबाद को की गई थी। इसके बाद सीबीआई ने ही सारा एक्शन लिया है। शिकायत के बाद से ही सीबीआई मामले पर नजर गढ़ाए हुई थी। उन्हीं की ओर से पूरा एक्शन लिया गया है। बुधवार रात भी टीम यहीं सीजीएसटी कार्यालय के आसपास रही। गुरुवार को सीबीआई दोनों को लेकर गई है।
रोहित ने कहा कि वो बस अपना काम करना चाहते हैं। इससे ज्यादा उन्हें कुछ नहीं चाहिए, न वो कुछ कहना चाहते हैं। बताया कि छापेमारी की पूरी प्रक्रिया के दौरान काफी मानसिक तनाव से गुजरा हूं। अब अपने काम पर फोकस करना चाहता हूं इसलिए कुछ नहीं बताना चाहता। कहा कि सब कुछ विभाग की ओर से हो रहा है इसलिए मुकदमा हुआ या नहीं या क्या होगा ये मैं नहीं बता सकता। मैं परेशान हो रहा था जिसके बाद मैंने शिकायत की जिस पर सीबीआई ने रेड डाली अब आगे मुझे कुछ नहीं कहना है।


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