आईआईएमटी विवि में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन
- तंत्रिका-अपक्षयी विकारों का अभिनव प्रबंधन: फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेद का संगम विषय पर दी गयी जानकारी
मेरठ। आईआईएमटी विवि में तंत्रिका-अपक्षयी विकारों का अभिनव प्रबंधन: फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेद का संगम विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस का संयुक्त रूप से आयोजन आईआईएमटी विश्वविद्यालय के फार्मेसी कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं आयुर्वेद कॉलेज द्वारा किया गया।
कॉन्फ्रेंस का शुभारम्भ डॉ. मिलन्द शरद पाण्डेय, डीन फार्मेसी, डॉ. मुकेश कुमार, डीन अलाइड हेल्थ साइंस तथा डॉ. सुजीत दलाही, प्रिंसिपल आयुर्वेदिक कॉलेज द्वारा अपने प्रेरणादायक संबोधन के साथ किया गया। उन्होंने छात्रों एवं प्रतिभागियों को न्यूरोडीजेनेरेटिव डिसऑर्डर के प्रबंधन में आधुनिक चिकित्सा, फिजियोथेरेपी एवं आयुर्वेद के समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. शिवानी लाल, डॉ. नेहा बंसल, डॉ. पल्लवी भाफना एवं डॉ. धनाडा कुलकर्णी ने विद्यार्थियों को न्यूरोडीजेनेरेटिव डिसऑर्डर, उसके कारण, रोकथाम एवं नवीन उपचार पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेद का समन्वित दृष्टिकोण भविष्य में इस प्रकार की बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कॉन्फ्रेंस का आयोजन ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से किया गया। ऑनलाइन मोड में देश-विदेश से लगभग 3500 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कर इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का लाभ प्राप्त किया।
इस कॉन्फ्रेंस का प्रायोजन “आयुर्वेदिक सूत्रा” द्वारा किया गया। आयुर्वेदिक सूत्रा ने अपने विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई, जिसे प्रतिभागियों एवं छात्रों ने विशेष रुचि के साथ देखा।


No comments:
Post a Comment