साइको किलर गुरप्रीत सिंह एनकाउंटर में ढेर

6 घंटे में तीन कत्ल, वही मोडस ऑपरेंडी और टारगेट पर सिर्फ अजनबी

चंदौली,एजेंसी।  चंदौली और वाराणसी में 26 घंटे के भीतर तीन रैंडम हत्याएं करने वाला साइको किलर गुरप्रीत सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। सेना से रिटायर गुरप्रीत ने ट्रेन और अस्पताल में तीन लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या की थी। सोमवार रात क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस की पिस्टल छीनकर भागते समय एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई। 

चंदौली और वाराणसी जिलों में दहशत का पर्याय बना साइको किलर गुरप्रीत सिंह अब इतिहास बन चुका है।सेना का पूर्व जवान, जो 26 घंटे के भीतर तीन बेगुनाहों की जान ले चुका था, सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. यह पूरी कहानी किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर फिल्म जैसी है, जहां एक सनकी हत्यारा बिना किसी रंजिश के लोगों की कनपटी पर गोलियां दाग रहा था। सोमवार सुबह चंदौली के एक निजी अस्पताल में तीसरी हत्या करने के बाद गुरप्रीत सिंह को भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।

चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने बताया कि पुलिस टीम सोमवार देर रात आरोपी को उन जगहों पर ले गई थी, जहां उसने वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी कर रही थी ताकि पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

इसी दौरान गुरप्रीत ने शातिर चाल चली। उसने एक पुलिस अधिकारी की सरकारी पिस्टल झपट्टा मारकर छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर भागने लगा। पुलिस ने उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने गोलीबारी जारी रखी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की दो गोलियां उसे लगीं। गंभीर रूप से घायल गुरप्रीत को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

26 घंटे का तांडव: तीन मौतें और एक ही पैटर्न

गुरप्रीत सिंह ने रविवार सुबह से सोमवार सुबह तक मौत का नंगा नाच खेला. उसकी हर हत्या का तरीका  बिल्कुल एक जैसा था- शिकार की कनपटी पर सटाकर गोली मारना।

 पहली हत्या: पैसेंजर ट्रेन में मंगरू का कत्ल

वारदातों का सिलसिला रविवार सुबह करीब 7 बजे शुरू हुआ. गाजीपुर का रहने वाला मंगरू (34) कर्नाटक से काम छोड़कर घर लौट रहा था। वह डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सवार था। चंदौली के कुचमन स्टेशन के पास गुरप्रीत और मंगरू के बीच किसी बात पर मामूली कहासुनी हुई। गुस्से में पागल गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। उसने मंगरू के शव को चलते ट्रेन से नीचे फेंक दिया और ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होते ही कूदकर भाग गया।

 दूसरी हत्या: जम्मू-तवी एक्सप्रेस में दिनेश की मौत

पहली हत्या के बाद गुरप्रीत वहां से करीब 9 किमी पैदल चलकर व्यासनगर गांव पहुंचा। वहां से वह कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस में सवार हो गया। रविवार रात करीब 2 बजे, जब ट्रेन मुगलसराय के पास ब्लॉक हट-बी पर धीमी हुई, तो बिहार का दिनेश साहू (42) जो अपनी पत्नी और परिवार के साथ यात्रा कर रहा था। बाथरूम के पास गया। गुरप्रीत ने वहां भी वही पैटर्न अपनाया और दिनेश की कनपटी पर गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद वह फिर से ट्रेन से कूदकर फरार हो गया।

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