आईआईएमटी विश्वविद्यालय में मृदा परीक्षण तकनीक एवं महत्व पर छः दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ
मेरठ। इफको एवं इफको टोक्यो द्वारा वित्त पोषित परियोजना अंतर्गत आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ के कृषि विज्ञान महाविद्यालय में द्वितीय छः दिवसीय मृदा परीक्षण प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ हुई।
कार्यशाला के संयोजक डॉ सुहेल सरदार व डॉ विनीत कुमार मृदा विज्ञान विभाग ने बताया कि इस कार्यशाला में कृषि विज्ञान महाविद्यालय, आईआईएमटी विश्वविद्यालय व आस-पास के कृषि कॉलेज से लगभग 50 से 60 छात्र एवं छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला में प्रतिभागी छात्र मृदा परीक्षण के महत्व, मृदा नमूना लेने की विधि तथा मृदा पी. एच., मृदा इलेक्ट्रिक कंडक्टिविटी, ऑर्गेनिक कार्बन के अलावा मृदा के मुख्य पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस पोटास आदि के परीक्षण के तरीके सीखेंगे। कार्यशाला के पहले दिन मृदा पी. एच. के बारे में विस्तार से बताया और मिट्टी के पी. एच. परीक्षण का तरीका समझाया। जिसके बाद छात्रों ने 10 -10 के ग्रुप बनाकर स्वयं मृदा के नमूनों के पी. एच. की जांच की।
मृदा विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ विनीत कुमार ने प्रयोगशाला में छात्रों का सहयोग किया। कृषि विज्ञान महाविद्यालय के डीन डॉ राजबीर सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को पर्यावरण एवं मृदा स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए संतुलित उर्वरकों के उपयोग का महत्व समझाते हुए मिट्टी की समय- समय पर जांच करवाना बेहद जरूरी बताया। आईआईएमटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ दीपा शर्मा ने कार्यशाला के सफल संचालन हेतु शुभकामना देते हुए छात्रों को मृदा में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्वों के परीक्षण को सही से सीखने के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार ने इस छः दिवसीय कार्यशाला से छात्रों को मृदा परीक्षण की विस्तुत जानकारी मिलेगी।


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