पिता के सीने से लगकर खूब रोई पीड़िता

आशा ज्योति केंद्र से परिजनों संग घर भेजी गई, गांव में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी  लगा

 मेरठ। सरधना  ग्राम कपसाड़ की पीड़िता को सोमवार शाम आशा ज्योति केंद्र से परिजनों की सुपुर्दगी में देकर घर के लिए रवाना कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा में पुलिस ने पीड़िता को घर तक छोड़ा। रविवार शाम से ही युवती आशा ज्योति केंद्र में थी, जिसकी काउंसलिंग की जा रही थी। इस दौरान पिता को देखकर युवती खूब रोई। मां को खोने का दर्द युवती के चेहरे पर साफ दिखाई दिया।

पुलिस ने रूबी के भाई नरसी और घर के अन्य लोगों की सुपुर्दगी में रूबी को उसके घर छुड़वाया है। 11 जनवरी को एसीजेएम 2 के यहां रूबी के 164 के बयान हुए हैं। सोमवार देर शाम उसे उसके घर भेजा गया है। इस दौरान आशा ज्योति केंद्र के बाहर काफी पुलिस फोर्स तैनात रहा। खुद सीओ सिविल लाइन मौके पर थे। काफी महिला पुलिस भी थी।

रूबी के चेहरे को पूरी तरह कवर करके भीड़ से बचाते हुए उसे पुलिस की गाड़ी से एसके घर भेजा गया है। पुलिस-प्रशासन ने कपसाड़ गांव में रूबी के घर के चारों ओर रातोंरात सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं। ताकि कोई भी गतिविधि हो तो तुरंत जानकारी मिल जाए।

​बतादें  सरधना के कपसाड़ की रहने वाली रूबी को इसी गांव के रहने वाले पारस सोम ने 8 जनवरी की सुबह अगवा कर लिया। युवती अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर काम करने निकली थी। मां ने पारस का विरोध किया, जिसके चलते पारस ने सुनीता पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जहां बाद में उपचार के दौरान सुनीता की मौत हो गई।10 टीमों को युवती की बरामदगी के लिए लगाया गया। शनिवार देर रात पुलिस ने आरोपी को सहारनपुर से गिरफ्तार करते हुए युवती को सकुशल बरामद कर लिया।

युवती को बरामद करने के बाद सरधना पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। रविवार की शाम कोर्ट में बयान की कार्रवाई दर्ज हुई। इसके बाद कोर्ट ने युवती को मेडिकल स्थित आशा ज्योति केंद्र में भेजने के आदेश दिए। सोमवार सुबह युवती की काउंसलिंग शुरु हो गई।

काउंसलिंग के कई सेशन चले। शाम को काउंसलिंग के बाद युवती को परिजनों की सुपुर्दगी में भेज दिया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त पुलिस की ओर से किए गए थे।

केंद्र के बाहर मीडिया से धक्कामुक्की

आशा ज्योति केंद्र में तीन काउंसलरों ने युवती की काउंसलिंग की। इस दौरान सीओ सरधना आशुतोष कुमार, सीओ कैंट नवीना शुक्ला के साथ कई महिला दरोगा व कांस्टेबल मौजूद रहीं। बाहर की जिम्मेदारी सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने संभाल रखी थी।

मीडिया को भनक लगी तो वह भी आशा ज्योति केंद्र पहुंच गई लेकिन पुलिस ने केंद्र के बाहर घेराबंदी करा दी। धक्कामुक्की के बीच युवती को चादर से पूरी तरह ढककर बाहर निकाला और सीधे प्राइवेट गाड़ी में बैठाकर परिजनों के साथ रवाना कर दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मीडिया के साथ धक्कामुक्की तक की।

पिता, भाई व चचेरी बहन साथ रही मौजूद

इस मामले को लेकर पहले ही दिन से विपक्ष आक्रामक रहा, जिस कारण पुलिस प्रशासन को शासन स्तर तक की नाराजगी झेलनी पड़ी। इसके बाद सख्ती शुरु हो गई। गांव में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश रोक दिया गया। यहां तक कि मीडिया को भी अंदर जाने नहीं दिया गया।इसी तरह की स्थिति आशा ज्योति केंद्र पर रही। यहां बाहर पुलिस बल तैनात रहा। परिवार के किसी भी व्यक्ति को मीडिया के सम्मुख नहीं आने दिया गया। युवती का पिता, बड़ा भाई और एक महिला साथ दिखी जो युवती की चचेरी बहन बताई गई।

साथ चलीं पुलिस की कई गाड़ियां

युवती की गाड़ी को आशा ज्योति केंद्र के बाहर से ही पुलिस की जीप ने एस्कोर्ट किया जो गांव तक साथ चली। फिलहाल इस बात को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है कि युवती को कहां ले जाया जाएगा। रात में गांव के बाहर भी काफी लोग युवती व परिवार के लोगों के आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन उनकी भी मुलाकात नहीं होने दी गई। रात में तीजे की प्रक्रिया भी पूर्ण कराई गई।

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