शासन के निर्देश पर डीएन कॉलेज में हुआ ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, दहशत में दिखे लोग
मेरठ।मेरठ में हवाई हमले के बाद चीख पुकार मच गई। सायरन बजते ही लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगे। काफी लोग ऐसे भी थे जो अपने स्थान पर ही लेट गए। कुछ देर बाद हमला रुका तो बचाव कार्य शुरू हो गया। मौका था ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का, जिसमें जनता को विपरीत परिस्थिति में सुरक्षित रहना सिखाया गया।पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में सिविल डिफेंस, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनसीसी कैडेट्स ने बचाव कार्य का शानदार प्रदर्शन किया।
दरअसल, शासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के निर्देश दिए थे। प्रदेश के अधिकांश सभी जनपदों में यह मॉक ड्रिल हुआ। मेरठ में डीएन इंटर कॉलेज के मैदान पर यह मॉक ड्रिल कराया गया। इसके लिए 10 मिनट का समय निर्धारित किया गया था। जैसे ही सायरन बजा,वैसे ही पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया और मॉक ड्रिल शुरु हो गया।
ऐसी हुई ड्रिल की शुरुआत
एडीएम फाइनेंस सूर्यकांत त्रिपाठी, एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह, एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अशोक कटारिया, सिटी मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव के अलावा सिविल डिफेंस के पदाधिकारी मौजूद रहे। सायरन बजते ही मॉक ड्रिल शुरू हो जाएगा। ऊंची नीची आवाज में सायरन बजने लगा। यह हवाई हमले की सूचना दे रहा था। तभी विद्युत विभाग ने बिजली कट कर दी। हवाई जहाज से बम गिराए जाने लगे। धमाके सुनकर जो जहां था, वहीं जमीन पर लेट गया।
बिल्डिंग में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालामॉक ड्रिल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बचाव कार्य रहा। इस दौरान बम धमाकों से लगने वाली आग से बचाव की जानकारी दी गई। घायल को किस तरह अस्पताल पहुंचाया जाता है, इसका भी प्रदर्शन हुआ। यह तक जानकारी दी गई की इमरजेंसी के वक्त किस तरह सामान्य चीजों से मरीज को ले जाने वाला स्ट्रेचर तैयार किया जा सकता है। आग बुझाने की जानकारी दी गई। बिल्डिंग में फसे लोगों को सुरक्षित निकालना आकर्षण का केंद्र रहा।
क्या है ब्लैक आउट
एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र कुमार मिश्र बताते हैं कि ब्लैकआउट एक आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था है। यह मुख्य रूप से हवाई हमले होने की स्थिति में किया जाता है। इसका उद्देश्य आबादी वाले क्षेत्र की पहचान छुपाना होता है। खासकर आपदा या युद्ध जैसी स्थिति के लिए ब्लैकआउट किया जाता है।
एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने समझाया दायित्व
- सबसे पहले प्रत्येक व्यक्ति अपने घर और प्रतिष्ठा में जल रही छोटी से छोटी लाइट बंद कर दे।
- खिड़की दरवाजों को परदे से पूरी तरह ढक लें।
- केवल इमरजेंसी की स्थिति में ही मामूली लाइट का इस्तेमाल करें।
- घर व प्रतिष्ठा में मौजूद लोग एक कमरे में सुरक्षित बैठ जाए।
- वाहन चला रहे हैं तो उसको बंद कर सड़क किनारे खड़े हो जाएं और हेडलाइट का बिल्कुल प्रयोग ना करें।
- सिविल डिफेंस या प्रशासन के अगले निर्देशों का इंतजार करें।
नोडल बोले- ब्लैकआउट मॉक ड्रिल सफल
मेरठ में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के नोडल अधिकारी एडीएम फाइनेंस सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि ब्लैकआउट का मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रहा। इसका उद्देश्य यही है कि जनता अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहे। विपरीत परिस्थितियों में अपनी भी जान बचाए और दूसरों को भी सुरक्षा दे। सिविल डिफेंस, दमकल विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नागरिक पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





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