पर्यटन विकास कार्यों से शीघ्र हस्तिनापुर का होगा कायाकल्प, बनेगा प्रमुख पर्यटन केन्द्र-आयुक्त

हस्तिनापुर में पर्यटन विकास कार्यों एवं उत्खनन साईट का मंडलायुक्त  ने किया स्थलीय निरीक्षण

मेरठ।   सोमवार को हस्तिनापुर को पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में विकसित किये जाने के उद्देश्य से शासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर पर्यटन विभाग के माध्यम से विभिन्न विकास कार्य कराये जा रहे हैं। इसी क्रम में आयुक्त मेरठ मंडल  भानु चन्द्र गोस्वामी ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ निर्माणाधीन पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त महोदय ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी निरीक्षण के दौरान कमियां पाई गई हैं, उनकी जांच कराकर आख्या प्रस्तुत की जाये।

आयुक्त ने गणेशपुर तिराहे से हस्तिनापुर तक समस्त पर्यटन मार्गों पर स्वच्छता, पाथ-वे, सड़क के दोनों ओर हरियाली को सुव्यवस्थित प्लान के अनुसार विकसित करने के निर्देश दिये। साथ ही वर्तमान में संचालित विकास कार्यों के अतिरिक्त जम्बूद्वीप सड़क मार्ग पर पाथ-वे, प्रकाश व्यवस्था, हरियाली तथा बिजनौर की ओर से प्रवेश द्वार (गेट) निर्माण हेतु डीपीआर तैयार कर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

पांडेश्वर मंदिर एवं जैन मंदिर को जाने वाले मार्गों पर उपयुक्त स्थलों पर साइनेंज स्थापित कराने हेतु कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया कि उप जिलाधिकारी मवाना के साथ समन्वय बनाते हुए साइनेंज का निर्माण कराया जाये। उप जिलाधिकारी मवाना एवं अधिशासी अधिकारी को हस्तिनापुर के समस्त मार्गों पर साफ-सफाई, यूनिपोल, विद्युत पोल, तार एवं होर्डिंग आदि को सड़क किनारे सुव्यवस्थित रूप से शिफ्ट कराने के निर्देश दिये गये, जिससे विकास कार्यों में बाधा न आये और पर्यटन मार्गों का सौन्दर्यीकरण प्रभावी रूप से हो सके।

 आयुक्त ने   पांडव टीला एवं द्रौपदी कूप का निरीक्षण किया गया। पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खनन से प्राप्त सामग्री एवं फोटो गैलरी का अवलोकन करते हुए विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। उत्खनन से प्राप्त पुरातात्विक सामग्री के संरक्षण हेतु म्यूजियम निर्माण को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की गई।

आयुक्त ने कहा कि पर्यटन विकास एवं पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण की दृष्टि से यह साइट अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि म्यूजियम निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकन सहित अन्य आवश्यक कार्यवाहियां शीघ्र सुनिश्चित की जायें।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मवाना, जिला सूचना अधिकारी, पर्यटन विभाग के कर्मचारी, कार्यदायी संस्था उ.प्र. प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लि. के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts